चुनाव प्रचार के दौरान एक रैली को संबोधित करती पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
हाल के वर्षों में हुए विधानसभा चुनावों की तर्ज पर असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुदुच्चेरी में सत्ताधारी दलों एवं गठबंधनों और उनके प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों के घोषणापत्रों में महिला मतदाताओं के लिए खास वादे किए गए हैं।
चुनावों से ठीक और तमिलनाडु की 234 सीटों और पश्चिम बंगाल की 294 सीटों में से 152 सीटों (पश्चिम बंगाल में दो चरणों के चुनाव के पहले चरण में) पर 23 अप्रैल को होने वाले मतदान से कुछ दिन पहले केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया है।
कांग्रेस का कहना है कि 16 से 18 अप्रैल तक चलने वाला यह तीन दिवसीय विशेष सत्र पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनावों को प्रभावित करने के इरादे से बुलाया जा रहा है। महिलाएं एक विशिष्ट मतदाता समूह के रूप में न केवल तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में बल्कि असम, केरल और पुदुच्चेरी में भी महत्त्वपूर्ण रही हैं।
तमिलनाडु में 2021 के विधानसभा चुनावों में महिला-पुरुष अनुपात प्रतिकूल होने के बावजूद मतदाता सूचियों में पुरुषों की तुलना में महिलाओं (3.19 करोड़ ) की संख्या अधिक थी और मतदान में भी उनकी संख्या अधिक रही जिसमें 2.31 करोड़ महिलाओं ने मतदान किया जबकि पुरुषों की संख्या 2.25 करोड़ थी। असम, केरल, पश्चिम बंगाल और पुदुच्चेरी में 2021 में महिलाओं की मतदान दर पुरुषों की तुलना में बेहतर थी।
पश्चिम बंगाल में उद्योग-व्यवसाय स्थापित करने में विफलता रहने के विपक्ष के आरोप के जवाब में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने अगले पांच वर्षों में दस लाख रोजगार के अवसर सृजित करने और 21 से 40 वर्ष की आयु के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलने तक बांग्लार युवा साथी योजना के तहत 1,500 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता प्रदान करने का वादा किया है।
तृणमूल का मुख्य वादा ‘लक्ष्मीर भंडार’ योजना में 500 रुपये की बढ़ोतरी करने से जुड़ा है जिसके तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए राशि 1,000 रुपये से बढ़ाकर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लाभार्थियों के लिए 1,700 रुपये कर दी जाएगी। भाजपा के बंगाल घोषणापत्र में भी महिलाओं और युवाओं के लिए मासिक वजीफे पर जोर दिया गया है।
कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए अपने घोषणापत्र में महिलाओं के लिए स्नातकोत्तर तक मुफ्त शिक्षा और एक वर्ष के भीतर सभी रिक्त सरकारी पदों पर युवाओं की भर्ती करने समेत कई वादे किए।
तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (द्रमुक) के घोषणापत्र में महिलाओं के लिए खास वादे किए गए हैं। द्रमुक 2026 के विधानसभा चुनावों के लिए 14-दलीय
धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन का नेतृत्व कर रही है। 29 मार्च को जारी अपने घोषणापत्र में द्रमुक ने सत्ता में वापसी होने पर अपनी ‘कलाइग्नार मगलीर उरुमई थोगई’ योजना के तहत महिला कल्याण सहायता राशि 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये करने का वादा किया है। वर्तमान में 1.31 करोड़ महिलाओं को यह मासिक सहायता प्राप्त होती है। महिलाओं तक अपनी पहुंच बढ़ाने के प्रमाण के रूप में द्रमुक ने एक और योजना का प्रस्ताव दिया है जिसका नाम है ‘इल्लातारसी योजना’। इस योजना के तहत राज्य सरकार घरेलू उपकरणों जैसे व़ॉशिंग मशीन, टेलीविजन, रेफ्रिजरेटर, माइक्रोवेव ओवन, इंडक्शन स्टोव या मिक्सर ग्राइंडर की खरीद या प्रतिस्थापन के लिए 8,000 रुपये का कूपन प्रदान करेगी।
द्रमुक के एक प्रवक्ता ने कहा,‘यह पैसा स्थानीय दुकानों में खर्च किया जाएगा, छोटे व्यवसायों को समर्थन देगा और अर्थव्यवस्था को गतिमान रखेगा।’ तमिल में ‘इल्लाथारसी’ का अर्थ है ‘घर की रानी’ और यह परिवार की महिला मुखिया को संदर्भित करता है।
द्रमुक के घोषणापत्र में अन्य वादों में स्कूली छात्रों के लिए मुफ्त नाश्ता योजना का दायरा कक्षा 8 तक बढ़ाना, कॉलेज जाने वाले छात्रों के लिए मासिक सहायता बढ़ाकर 1,500 रुपये करना, अगले पांच वर्षों में 35 लाख कॉलेज जाने वाले छात्रों को मुफ्त लैपटॉप देना, और नान मुढावलन योजना के तहत छह महीने के प्रशिक्षण में नामांकन और पूरा होने पर 1,500 रुपये मासिक वजीफा प्राप्त करने वाले पांच लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना आदि शामिल हैं।
द्रमुक ने 18 लाख करोड़ रुपये का विदेशी निवेश लाने और पांच वर्षों में 50 लाख नौकरियां सृजित करने का वादा किया है। पार्टी ने धान की खरीद दर 3,500 रुपये प्रति क्विंटल और गन्ने की खरीद दर 4,500 रुपये प्रति टन तय करने का वादा किया है, साथ ही मुफ्त बिजली प्राप्त करने वाले 20 लाख से अधिक किसानों को बिना मीटर के आधुनिक इलेक्ट्रिक पंप सेट मुफ्त में उपलब्ध कराने की बात कही है।
भाजपा समेत 12 दलों वाले राजग गठबंधन का नेतृत्व करने वाली एआईएद्रमुक ने करों के बोझ और बढ़ती कीमतों से निपटने में मदद के लिए प्रत्येक परिवार को 10,000 रुपये की एकमुश्त सहायता राशि देने का वादा किया है। इसके अलावा, सभी राशन कार्डधारकों को मुफ्त रेफ्रिजरेटर, पात्र परिवारों को प्रति वर्ष तीन मुफ्त एलपीजी सिलेंडर, 2,000 रुपये की मासिक सहायता और पांच लाख कामकाजी महिलाओं को 25,000 रुपये की सब्सिडी के साथ ‘अम्मा’ टू-व्हीलर देने का भी वादा किया गया है। राज्य में लगभग 22.2 करोड़ चावल राशन कार्डधारक हैं जिन्हें सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से हर महीने मुफ्त चावल और अन्य वस्तुएं सस्ती दरों पर मिलती हैं।
असम में सत्तारूढ़ गठबंधन का नेतृत्व कर रही भाजपा ने ‘अरुणोदय’ योजना के तहत महिला लाभार्थियों को दी जाने वाली मासिक राशि मौजूदा 1,250 रुपये से बढ़ाकर चरणबद्ध तरीके से 3,000 रुपये प्रति माह करने, चाय बागान श्रमिकों की दैनिक मजदूरी को बढ़ाकर 500 रुपये करने, छोटे किसानों को 11,000 रुपये की वार्षिक सहायता और एक वर्ष में दो निःशुल्क एलपीजी सिलिंडर प्रदान करने का वादा किया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पिछले सप्ताह जारी किए गए घोषणापत्र में कहा गया है कि सत्ता में वापसी होने पर पार्टी अतिक्रमणकारियों से अतिक्रमित भूमि वापस लेगी और समान नागरिक संहिता लागू करेगी।
कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में छह आदिवासी समुदायों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने का वादा किया है। असम के मोरान, मोटोक, चुटिया, ताई-अहोम, कोच-राजबोंगशी और चाय बागान जनजाति समुदाय कई वर्षों से अनुसूचित जनजाति के दर्जे की मांग कर रहे हैं। भाजपा उन्हें यह दर्जा देने का वाद कर चुकी है।
कांग्रेस ने महिलाओं को नकद हस्तांतरण सहित पांच वादों का वादा किया है। इसने यह भी कहा कि उद्योग समूहों को तीन एकड़ या उससे अधिक के बड़े भूमि आवंटन की जांच की जाएगी और अगर आवश्यक हुआ तो भूमि वापस लेकर उसका पुनर्वितरण किया जाएगा। कांग्रेस के घोषणापत्र में गायक जुबीन गर्ग को सत्ता में आने के 100 दिनों के भीतर न्याय दिलाने का वादा किया गया है। गठबंधनों ने पुदुच्चेरी में भी महिला-केंद्रित वादों की घोषणा की है।
केरल की सत्ताधारी वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने अपने घोषणापत्र में घोर गरीबी उन्मूलन, कल्याणकारी पेंशन बढ़ाकर 3,000 रुपये करने और रोजगार एवं निवेश को बढ़ावा देने का वादा किया है। माकपा के नेतृत्व वाले गठबंधन ने महिला कार्यबल की भागीदारी 50 प्रतिशत तक बढ़ाने, कौशल प्रशिक्षण का विस्तार करने और पांच वर्षों में 2 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने का भी संकल्प लिया है। इसने सरकारी संस्थानों में मासिक धर्म अवकाश शुरू करने का भी वादा किया है।
संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) का नेतृत्व करने वाली कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में राज्य सरकार द्वारा संचालित बसों में सभी महिलाओं के लिए निःशुल्क यात्रा, कॉलेज जाने वाली छात्राओं के लिए 1,000 रुपये मासिक वित्तीय सहायता, कल्याणकारी पेंशन बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रति माह करने और युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए 500,000 रुपये तक के ब्याज मुक्त ऋण देने जैसे वादे किए हैं।