राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा भाजपा में शामिल होने का ऐलान करते हुए | फोटो: PTI
आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर मचे घमासान के बीच एक बड़ी राजनीतिक हलचल सामने आई है। राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटाए जाने के कुछ ही दिनों बाद राघव चड्ढा ने शुक्रवार को AAP को अलविदा कह दिया है। उन्होंने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि वह भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामने जा रहे हैं। यह घटनाक्रम AAP के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि चड्ढा पार्टी के सबसे चर्चित चेहरों में से एक रहे हैं।
दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राघव चड्ढा ने यह चौंकाने वाला खुलासा किया। उनके साथ राज्यसभा सांसद संदीप पाठक और अशोक मित्तल भी मौजूद थे। चड्ढा ने बताया कि राज्यसभा में AAP के दो-तिहाई सांसदों ने एक साथ मिलकर भाजपा में विलय का फैसला किया है। इसके लिए उन्होंने संविधान में दिए गए विलय के प्रावधानों का हवाला दिया। संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने भी इसी मौके पर भाजपा में शामिल होने का ऐलान किया।
अपनी पुरानी पार्टी को छोड़ने की वजह बताते हुए राघव चड्ढा काफी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी को उन्होंने अपने खून-पसीने से सींचा और अपनी जवानी के 15 साल समर्पित कर दिए, वह अब अपने शुरुआती सिद्धांतों और मूल्यों से भटक गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी अब देशहित के बजाय व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए काम कर रही है।
चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दो-टूक कहा कि पिछले कुछ सालों से उन्हें महसूस हो रहा था कि वह एक “गलत पार्टी में सही इंसान” हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि AAP से दूरी बनाने का उनका मकसद अब जनता के करीब जाना है। हाल के दिनों में पार्टी के भीतर पद छीनने को लेकर जो तनाव चल रहा था, यह इस्तीफा उसी का नतीजा माना जा रहा है। राज्यसभा में पार्टी के नेतृत्व को लेकर हुए इस विद्रोह ने AAP के भीतरी संकट को सबके सामने लाकर खड़ा कर दिया है।