'थलपति' विजय | फाइल फोटो
चार दिनों के राजनीतिक नाटकीय घटनाक्रम के बाद अभिनेता से राजनेता बने जोसेफ विजय चंद्रशेखर (विजय) तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बनने वाले हैं। उम्मीद है कि वह अगले सप्ताह की शुरुआत में शपथ लेंगे।
51 वर्षीय अभिनेता की पार्टी तमिलगा वेट्री कषगम (टीवीके) का दावा है कि उसे कुल 120 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। इसमें 107 विधायक टीवीके से, पांच कांग्रेस से, और दो-दो विधायक विदुथलाई चिरुथैगल कच्ची (वीसीके), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) से हैं। इसके अलावा, सूत्रों के मुताबिक अम्मा मक्कल मुनेत्र कषगम और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के एक-एक विधायक भी टीवीके का समर्थन कर रहे हैं।
यद्यपि वीसीके ने अभी तक औपचारिक पत्र नहीं दिया है, लेकिन रिपोर्टों के मुताबिक इसके बारे में बातचीत अंतिम दौर में है। दोनों वामपंथी दलों ने टीवीके को बिना शर्त बाहरी समर्थन दिया है, जबकि वीसीके की मांगों की सूची में उसके नेता थोल. थिरुमावलवन के लिए मंत्री पद की मांग शामिल है। थिरुमावलवन वर्तमान में लोक सभा में चिदंबरम संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह भी खबर है कि उनकी मांगों में तिरुचिरापल्ली (पूर्व) से उन्हें उम्मीदवार बनाने की बात शामिल है। वह विजय की दूसरी जीती हुई सीट है। देर शाम विजय ने तमिलनाडु के राज्यपाल आर.वी. अर्लेकर से मुलाकात की और तीसरी बार सरकार बनाने का आमंत्रण मांगा।
इससे पहले राज्यपाल ने विजय के दावे को यह कह कर खारिज कर दिया था कि उनके पास सदन में पर्याप्त समर्थन नहीं है। विजय ने बुधवार और गुरुवार को भी राज्यपाल से मुलाकात की थी। विजय के पास केवल 117 विधायकों का समर्थन होने की चिंता के बीच वामपंथी दलों ने कहा कि वीसीके भी जल्द ही औपचारिक घोषणा करेगा।
माकपा के राज्य सचिव टी.टी. षडमुगम ने कहा, वीसीकेने भी कहा है कि वे भाकपा और माकपा जैसा ही निर्णय लेंगे। वीसीके भी टीवीके को समर्थन दे रही है। जल्द ही वीसीके नेता आकर आप सबको यह बताएंगे।’ वामपंथी दलों के समर्थन के फैसले का टीवीके कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़कर और मिठाई बांटकर स्वागत किया।
तलपति (जनरल) के नाम से लोकप्रिय विजय देश के सबसे अधिक पारिश्रमिक पाने वाले अभिनेताओं में से एक हैं और अब तक 69 फिल्मों में काम कर चुके हैं। उनकी पार्टी ने 34.92 प्रतिशत मतों के साथ चुनाव जीता है, और छह दशकों में पहली बार कोई गैर- द्रविड़ दल सत्ता में आ रहा है। दूसरी ओर, सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) को केवल 31.39 प्रतिशत वोट मिले, जबकि ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) को 27.22 प्रतिशत वोट मिले।
इससे पहले खबर थी कि द्रमुक और उसकी प्रतिद्वंद्वी एआईएडीएमके मिलकर सरकार बनाने पर विचार कर रहे थे। द्रमुक के पास 59 सीटें हैं और एआईएडीएमके के पास 47 सीटें। ये दोनों विधान सभा चुनाव में क्रमशः दूसरी और तीसरी सबसे बड़ी पार्टियां हैं। बाद में द्रमुक ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया और कहा कि वह जनता के जनादेश का सम्मान कर रही है।
इस बीच कनिमोई ने लोक सभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर अपनी पार्टी के सांसदों की सीटों की व्यवस्था बदलने का अनुरोध किया है ताकि वे अपने पूर्व सहयोगी के बगल में न बैठें।
द्रमुक, जिसके पास 22 सांसद हैं, विपक्षी इंडिया गठबंधन का चौथा सबसे बड़ा घटक है। यह गठबंधन कुछ समय से दबाव में था और अब टूटने की कगार पर दिख रहा है, क्योंकि कांग्रेस जिसने तमिलनाडु चुनाव द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ लड़ा था वह विजय की टीवीके को सरकार बनाने में समर्थन दे रही है।
शुक्रवार को इन अटकलों को समाप्त करते हुए द्रमुक अध्यक्ष और निवर्तमान मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने राज्यपाल से आग्रह किया कि वे भारत के संविधान के अनुसार तुरंत नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू करें।