गर्मी का मौसम पूरी तरह से शुरू हो चुका है। ऐसे में बेवरिज ब्रांड रसना को उम्मीद है कि वह समूचे कंसंट्रेट बाजार की तुलना में तेजी से वृद्धि दर्ज करेगी। कंसंट्रेट बाजार में कंपनी की 70 फीसदी हिस्सेदारी है और वह इस वर्ष 15 से 20 फीसदी की राजस्व बढ़ोतरी का लक्ष्य लेकर चल रही है जो उद्योग की 10 से 12 फीसदी की वृद्धि दर से ज्यादा है।
रसना इंडिया के चेयरमैन पिरोज खंबाटा ने कहा, इस साल गर्मी जल्दी आ गई है और हमें उम्मीद है कि पिछले साल की तरह इस वर्ष इसमें कोई बाधा नहीं आएगी। हमारी नई लॉन्चिंग और डिजिटल मीडिया पर अधिक ध्यान देने से वृद्धि को बल मिलेगा। हम यूट्यूब पर अपना बजट पांच गुना बढ़ा रहे हैं और टीवी बजट को डिजिटल पर ले जा रहे हैं।
कंपनी नए उत्पादों के प्रचार के लिए छोटे और स्थानीय इन्फ्लुएंसरों की भी मदद ले रही है। उन्होंने कहा, इस साल का अभियान पूरी तरह से डिजिटल पर केंद्रित है, जो हमारे जैसे व्यापक ब्रांड के लिए बहुत अनोखा है।
वृद्धि के माध्यमों पर बात करते हुए खंबाटा ने कहा कि मांग मुख्य रूप से क्विक कॉमर्स और एकल स्टोरों से आ रही है। कोविड-19 महामारी से पहले ई-कॉमर्स का कुल बिक्री में केवल 2 फीसदी योगदान था, लेकिन वर्ष के अंत तक यह हिस्सा कुल बिक्री का 15 फीसदी हो जाने का अनुमान है।
कंपनी अपने उत्पादों में चीनी की मात्रा भी लगातार घटा रही है। उन्होंने कहा, हमारे कुछ प्री-मिक्स में चीनी नहीं होती बल्कि उनमें चीनी मिलानी पड़ती है। हमने जानबूझकर और धीरे-धीरे अन्य प्री-मिक्स में चीनी की मात्रा कम की है। उदाहरण के लिए, 2 रुपये वाले पैक में ब्रांड ने चीनी की मात्रा पहले के 23 ग्राम से घटाकर 3.5 ग्राम कर दी है।
पश्चिमी एशिया में जारी सैन्य तनाव के बारे में खंबाटा ने कहा कि कंपनी के कारोबार का 40 फीसदी हिस्सा निर्यात से आता है, खासकर रमजान के दौरान इसकी मांग अधिक रहती है।
उन्होंने कहा, युद्ध ने निर्यात को बुरी तरह प्रभावित किया है, माल वापस भेजा जा रहा है और शिपिंग कंपनियों को देरी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि हमें उम्मीद है कि आने वाले कुछ हफ्तों में स्थिति सुधर जाएगी, लेकिन कंटेनरों की कमी के कारण देरी बनी रहेगी।