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विरोध के बीच सिजिमाली प्रोजेक्ट को हरी झंडी, अब खदान तक पहुंचेगी 3.4 किमी लंबी सड़क

केंद्र सरकार ने सिजिमाली बॉक्साइट खनन परियोजना तक पहुंचने वाली 3.4 किमी सड़क के लिए अंतिम वन मंजूरी दे दी है।

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हेमंत कुमार राउत   
Last Updated- June 01, 2026 | 9:30 AM IST

केंद्र ने ओडिशा की विवादित सिजिमाली बॉक्साइट खनन परियोजना तक सड़क को वन मंजूरी दे दी है। इसके अंतर्गत 4.911 हेक्टेयर वन भूमि का बदलाव कर सड़क की मंजूरी चरण-II (अंतिम) में दी गई है। यह सिजिमाली बॉक्साइट खनन परियोजना के लिए महत्त्वपूर्ण बदलाव है।

वेदांत समूह को पट्टे पर दिए गए खनिज ब्लॉक तक जाने वाली 3.4 किलोमीटर लंबी सड़क विवादों का केंद्र रही है। दरअसल, रायगड़ा जिले के कांतमाल और सागाबारी गांवों में 7 अप्रैल को पुलिस और प्रदर्शनकारी स्थानीय लोगों के बीच झड़पें हुई थीं। इसमें 58 पुलिसकर्मियों सहित लगभग 70 लोग घायल हो गए थे।

आखिरकार केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने रायगड़ा जिले में सिजिमाली बॉक्साइट खदान की पहाड़ी को राज्य राजमार्ग-44 से जोड़ने वाली सड़क के निर्माण के लिए वन भूमि के डायवर्जन के लिए वैधानिक मंजूरी प्रदान कर दी है। यह सड़क राज्य के सबसे बड़े अप्रयुक्त खनिज भंडारों में से एक से बॉक्साइट के परिवहन के लिए महत्त्वपूर्ण मानी जाती है।

हिंसक झड़पों के कुछ ही हफ्तों बाद यह मंजूरी मिली है। स्थानीय आदिवासी समूह और कार्यकर्ता इस पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील और मुख्य रूप से आदिवासी क्षेत्र में खनन गतिविधियों का विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि अपर्याप्त परामर्श किया गया है और उनकी पारंपरिक आजीविका को खतरा है।

मंत्रालय ने मंजूरी के हिस्से के रूप में पर्यावरण सुरक्षा उपायों का एक व्यापक सेट भी लागू किया है। इनमें रायगड़ा जिले के टिंगारझोला गांव में चिन्हित 6.07 हेक्टेयर सरकारी गैर-वन भूमि पर क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण और पेडाकोंडा आरक्षित वन में पांच हेक्टेयर खराब वन भूमि पर अतिरिक्त क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण शामिल हैं। वृक्षारोपण और रखरखाव का पूरा खर्च उपयोगकर्ता एजेंसी वहन करेगी।

First Published : June 1, 2026 | 9:30 AM IST