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TCS Nashik Case: शिकायतों के बाद SIT गठित, कंपनी ने दी वर्क फ्रॉम होम की सुविधा

नाशिक केंद्र में यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण के आरोपों के बीच टीसीएस ने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम का विकल्प दिया जबकि पुलिस ने कई कर्मचारियों को गिरफ्तार किया

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बीएस संवाददाता   
Last Updated- April 17, 2026 | 8:37 AM IST

धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के कथित आरोपों से उठे विवाद के बीच आईटी सेवा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने अपने नाशिक केंद्र के कर्मचारियों को घर से काम करने का विकल्प दिया है। कंपनी का कहना है कि जो कर्मचारी कार्यालय आकर काम करना चाहते हैं, वे ऐसा कर सकते हैं।

टीसीएस के एक सूत्र कहा, ‘कंपनी ने यह निर्णय कर्मचारियों की सुविधा और सुरक्षा के लिहाज से लिया है। वैसे जो लोग कार्यालय से काम करना चाहते हैं, वे आ सकते हैं।’ कंपनी ने यह कदम कथित यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण के आरोपों के बीच उठाया है। इस बीच, पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार नाशिक पुलिस की जांच से पता चला है कि आरोपी सात पुरुष कर्मचारी महिला कर्मचारियों को निशाना बनाने के लिए संगठित गिरोह की तरह काम कर रहे थे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस सप्ताह की शुरुआत में पुलिस ने आठ महिला कर्मचारियों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। इन पीडि़तों का दावा है कि वरिष्ठ सहकर्मियों ने उनका मानसिक और यौन उत्पीड़न किया और मानव संसाधन (एचआर) विभाग ने भी उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया।

जांचकर्ताओं के अनुसार, पुलिस ने टीसीएस के आठ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें सात पुरुष और एक महिला ऑपरेशन्स मैनेजर शामिल हैं। एक अन्य महिला कर्मचारी फरार है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, सात पुरुष कर्मचारी अधिकांश मामलों में सह-अभियुक्त हैं। एक अधिकारी ने कहा कि इससे पता चलता है कि आरोपी लोग कार्यालय के भीतर समूह या संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहे थे।

एक महिला आरोपी का नाम धार्मिक उत्पीड़न के एक मामले में है, जबकि दूसरी, एचआर प्रमुख है, जिस पर आरोप है कि उसने पीड़ित महिला को शिकायत नहीं दर्ज कराने के लिए दबाव बनाया था। नाशिक पुलिस आयुक्त संदीप कार्णिक ने कहा, ‘पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। वह किसी भी संभावित व्यापक गठजोड़ की जांच करने के लिए एसआईडी, एटीएस और एनआईए जैसी एजेंसियों की मदद ले रही है। शुरुआत में एक पीडि़त महिला शिकायत करने से हिचकिचा रही थी, लेकिन पुलिस से समर्थन और परामर्श के बाद और भी पीड़ित महिलाएं सामने आईं। इसके बाद कई एफआईआर दर्ज की गईं।’

(साथ में एजेंसियां)

First Published : April 17, 2026 | 8:37 AM IST