सूरत में रत्न-आभूषणों की अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी का आयोजन
मौजूदा दौर में जारी वैश्विक अर्थव्यवस्था संकट के चलते हीरे-जेवरातों, रत्नों एवं आभूषणों के व्यवसाय पर लगे ग्रहण को हटाने के उद्देश्य से देश में हीरों के लिए प्रसिद्ध शहर सूरत में तीन दिनों तक "स्पार्कल" नामक प्रदर्शनी एवं सम्मेलन का आयोजन किया गया है। 26 दिसंबर से इस आयोजन का आगाज होगा। इस अंतर्राष्ट्रीय […]
यूनीटेक में 10 फीसदी कर्मचारियों की छंटनी
देश की दूसरी सबसे बड़ी रियल्टी कंपनी यूनीटेक ने अपने कुल कर्मचारियों की संख्या 1700 में से 10 फीसदी की छंटनी कर दी है। आर्थिक संकट के चलते लागत के अपव्यय को नियंत्रण में रखने के उद्देश्य से कंपनी ने यह कदम उठाया है। पिछले 4-5 महीनों के दौरान कर्मचारियों की संख्या कम करने के […]
परदेस जाने के लिए तरस रहा है कपास
तमाम अनुमानों के विपरीत वर्ष 2008-09 के लिए कपास के उत्पादन में गिरावट की आशंका जाहिर की जा रही है। दूसरी तरफ निर्यात की रफ्तार को देखते हुए देश को 7000 करोड़ रुपये तक नुकसान हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कपास की मांग और कीमत में कमी के कारण इसके निर्यात में गत दो […]
विज्ञापन पर चली कैंची से तार-तार हुई कमाई
मंदी की मार टेलीविजन पर प्रसारित किए जाने वाले विज्ञापनों की दर पर भी पड़ी है। प्रमुख मनोरंजन चैनलों- स्टार प्लस, जी टीवी और सोनी जैसे चैनलों को प्राइम टाइम में प्रसारित होने वाले विज्ञापनों की दर को मजबूरन घटाना पड़ा है। अब ये दरें वर्ष 2005-06 के स्तर पर पहुंच गई हैं। मनोरंजन चैनलों […]
ऐसा कोई बचा नहीं, जिसको मंदी ने…
‘ऐसा कोई सगा नहीं, जिसको हमने ठगा नहीं’ के प्रचार वाक्य से देश-दुनिया में मशहूर कानपुर के ‘ठग्गू के लड्डू’ को भी इस मुई मंदी ने ठग लिया है। इस दुकान की मशहूरी का आलम यह है कि बॉलीवुड की मशहूर ठग जोड़ी ‘बंटी और बबली’ भी अपनी फिल्म की शूटिंग के दौरान यहां के […]
‘लगान’ के लिए सरकार की गुगली
आयकर विभाग की नई कवायद अगर परवान चढ़ी तो भारत की सबसे अमीर खेल संस्था भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को भारी-भरकम कर चुकाना पड़ सकता है। दरअसल, आयकर विभाग ने सर्कुलर जारी कर ‘परमार्थ कार्य’ को परिभाषित किया है। उसके मुताबिक, अगर कोई संस्था कारोबार के जरिए कमाई करती है, तो उसे भी आयकर […]
मंदी की आंच से ही तो बनेगा सोना कुंदन
वैश्विक मंदी के चलते पैदा हुई आर्थिक अस्थिरता से निवेशकों का रुझान सोने की ओर बढ़ा है। पूरे साल शेयर बाजारों के धराशायी रहने, कच्चे तेल की कीमतें 150 के करीब पहुंच कर, अब 40 डॉलर से नीचे भले ही आ गई हों, डॉलर में मजबूती रही हो या कमजोरी लेकिन सोने की सेहत में […]
मंदी के डर से नए सिरे से पड़ेगी रियल्टी की बुनियाद
जबरदस्त मंदी का शिकार हुए रियल्टी उद्योग में ज्यादातर कंपनियों की बुनियाद 2008 में बुरी तरह हिल गई। मकानों की कीमतों में कमी, परियोजनाओं का लटकना और रियल्टी कंपनियों के शेयरों में तीखी गिरावट के गवाह हम सभी बने। डीएलएफ, ओमैक्स, एसवीपी समूह, पार्श्वनाथ समेत तमाम बड़ी रियल्टी कंपनियों ने बिजनेस स्टैंडर्ड से बातचीत में […]
सस्ते मकान, खरीद आसान
रियल्टी का बाजार बुरे दौर से गुजर रहा है, इसमें कोई दोराय नहीं। 2009 में इस क्षेत्र में कई बदलाव होंगे, जो अच्छे भी होंगे और बुरे भी होंगे। सबसे पहली बात तो यह है कि रियल एस्टेट बाजार की तेजी को भुनाने वाली कंपनियों के दिन अब लद गए हैं। ऐसी कई कंपनियां थीं, […]
रिटेलरों ने मोड़ा वस्त्र उद्योग से मुंह
मंदी का असर अब वस्त्र निर्माताओं के जी का जंजाल बन रहा है। क्रिसमस और नए साल जैसे मौकों पर भी रिटेलरों की ओर से वस्त्र निर्माताओं को आपूर्ति में कटौती करने की मांग की गई है। मांग में मंदी की वजह से रिटेल कंपनियां बाजार में पहले के मुकाबले बिक्री को बरकरार नहीं रख […]
