मेंथा तेल के वायदा में तीन प्रतिशत की गिरावट
उत्पादक क्षेत्रों से हाजिर बाजार में बढ़ी हुई आपूर्ति के कारण वायदा बाजार में बुधवार को मेंथा तेल की कीमतों में लगातार चौथे दिन गिरावट आई, जिसका कारण हाजिर बाजार में उत्पादक क्षेत्रों से आपूर्ति का बढ़ना है। कमजोर निर्यात और घरेलू मांग ने भी यहां वायदा बाजार में मेंथा तेल की कीमतों पर असर […]
सीसीआई ने की कपास की रिकॉर्ड खरीदारी
देश में कपास की खरीदारी करने वाली सरकारी एजेंसी भारतीय कपास निगम लिमिटेड (सीसीआई) ने इस साल अभी तक रेकॉर्ड 40 लाख गांठ कपास की खरीदारी की है। साल 2008-09 में सीसीआई द्वारा की गई खरीदारी पिछले साल से 4 गुनी अधिक है। सीसीआई की आक्रामक खरीदारी से निर्यातकों, ओटाई करने वालों और वस्त्र उद्योग […]
किल्लत में किसानों को रास आ सकता है वनीला ‘फ्लेवर’
आइसक्रीम आदि में फ्लेवर के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला वनीला एक बार फिर किसानों के आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है। दरअसल पिछले कई साल से इसकी आपूर्ति में खासी कमी हुई है, जिससे अब इसकी किल्लत हो गई है। किल्लत के इस दौर में वनीला किसानों की झोली भर रही है, क्योंकि […]
आलू की पैदावार में 15 फीसदी बढ़ोतरी का अनुमान
अनुकूल मौसम के चलते साल 2008 में भारत में आलू की पैदावार 15.38 फीसदी तक बढ़ सकती है। इसकी कुल पैदावार 30 लाख टन तक बढ़ सकती है जबकि पिछले साल इसमें 26 लाख टन का इजाफा हुआ था। पैदावार में इजाफेकी उम्मीद इस लिहाज से महत्वपूर्ण है क्योंकि संयुक्त राष्ट्र की संस्था खाद्य एवं […]
फरवरी में शुरू होगा गेहूं का हाजिर कारोबार!
वायदा बाजार आयोग (एफएमसी) के तमाम आश्वासनों के बावजूद सरकार ने अब तक वायदा एक्सचेंजों को गेहूं का वायदा कारोबार दुबारा शुरू करने की इजाजत नहीं दी। लेकिन अब हाजिर एक्सचेंजों ने फरवरी 2009 के आखिर तक गेहूं का कारोबार शुरू करने की पूरी तैयारी कर ली है। देश के सबसे बड़े वायदा एक्सचेंज एमसीएक्स […]
‘क्या सार्वजनिक बैंकों के ब्याज दरें घटाने से पूरा होगा घर का सपना?’
पूरा हो सकता है सपना विजय अग्रवालमहाप्रबंधक, बैंक ऑफ इंडियासरकारी बैंकों के ब्याज दरें घटाने के फैसले का फायदा अपने घर का सपना देखने वाले लोगों को जरूर होगा। इस साल के प्रारंभ से ही लोगों के सपने तोड़ने का काम महंगाई ने शुरू कर दिया था।2008 के प्रारंभिक महीनों में महंगाई दर को काबू […]
मंदी से मध्दम हुई कॉलेज फेस्ट की भी रौनक
कई साल बाद यह पहला मौका है जब आईआईटी दिल्ली के सालाना महोत्सव, ‘रॉन्दिवु’ का कोई प्रायोजक नहीं है। आमतौर पर सितंबर महीने में होने वाले पांच दिनों के इस फेस्ट यानी महोत्सव के लिए पिछले साल तक 20 लाख रुपये की टाइटल स्पांसरशिप मिला करती थी। लेकिन इस साल आलम यह है कि अब […]
अब आसान नहीं रहेगी होटलों में घुसपैठ
देश के बड़े होटलों में इससे पहले कभी भी सुरक्षा को लेकर इतनी एहतियात नहीं बरती गई थी। अब देश के सभी बड़े होटल अपनी सुरक्षा के लिए काफी सतर्क हो गए हैं। होटल उद्योग से जुड़ी शीर्ष संस्था होटल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एचआईए) ने सुरक्षा उपायों के लिए दिशा निर्देशों की एक सूची जारी […]
यह कैसा लोकतंत्र?
कहने को तो भारत एक संसदीय लोकतंत्र है। लेकिन हकीकत यह है कि हमारी शासन प्रणाली में एक बेहद घटिया व्यवस्था है, जो नौकरशाही के बूते पर चलती है। उस नौकरशाही पर संसद की किसी भी तरह की नजर नहीं रहती है। साथ ही, चुनाव के वक्त को छोड़कर सरकार, जनता को जवाब देने की […]
आचार संहिता कहती है- ‘कुछ भी व्यक्तिगत नहीं’
गृहमंत्री पालानीअप्पन चिदंबरम ने वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के आचरण पर एक बहुत ही दिलचस्प बयान दिया है। एक समाचार पत्र में छद्म नाम से प्रकाशित भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के एक अधिकारी के लेख की संसद में चर्चा करते हुए चिदंबरम ने कहा, ”या तो लेखक गैर-वफादार अधिकारी है या कायर। या इनमें से दोनों […]
