अब अंधेरी जिंदगियों में रोशनी फैलाएगी संकरा
अंधेरी जिंदगियों को रोशन करने के लिए मुफ्त सेवा देने वाला कोयंबटूर का संकरा आई केयर सालाना 10 लाख लोगों की आंखों की सर्जरी करने का लक्ष्य पूरा करने की राह की ओर बेहतर तरीके से बढ़ रही है। संकरा पूरे देश में अपने इस काम को बढ़ाने की कवायद शुरू कर चुकी है। सामाजिक […]
अगले हफ्ते होगा ‘सिंह इज किंग’ का इम्तिहान
इन दिनों फिल्म निर्माता विपुल अमृतलाल शाह की खुशी का कोई ठिकाना नहीं होगा। हो भी क्यों न आखिर उनकी आने वाली फिल्म ‘सिंह इज किंग’ को मुफ्त में बहुत ज्यादा पब्लिसिटी जो मिल गई है। हुआ यूं कि जब मनमोहन सरकार ने विश्वासमत जीत लिया तो मीडिया मे धड़ल्ले से सिंह इज किंग का […]
साइबर आतंकवाद करे कोई और भरे कोई
आपको यह जानकर काफी हैरत होगी कि सुरक्षा एजेंसियों की नजर आपके कंप्यूटर पर भी है। आपके कंप्यूटर के जरिए अगर कोई हैकर ईमेल भेजता है तो भी इसकी जिम्मेदारी आपकी ही बनती है। आपके कंप्यूटर से भेजे गए किसी संदिग्ध ईमेल के लिए सुरक्षा एजेंसियां साइबर आतंकवाद के जुर्म में आप पर मुकदमा दायर […]
देश में पहला ईपीजेड कहां बना था?
1. कपास उत्पादन में विश्व का अग्रणी देश कौन सा है?ए. भारत बी. चीनसी. अमेरिका डी. मिस्त्र 2. विदेशी निवेश संबंधी ‘विश्व निवेश रिपोर्ट’ किस संगठन के द्वारा प्रतिवर्ष जारी की जाती है?ए. आईएमएफबी. आईबीआरडीसी. अंकटाडडी. डब्ल्यूटीओ3. राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी स्कीम कब शुरू की गई थी?ए. 2 फरवरी, 2006बी. 2 फरवरी, 2005सी. 2 फरवरी, […]
क्या जरूरत थी इतने सख्त कदम की?
वैसे तो सोमवार को ही रिजर्व बैंक ने यह बात साफ कर दी थी कि वह महंगाई के राक्षस को साधने के लिए सख्त से सख्त कदम उठाने से भी पीछे नहीं रहेगा। फिर भी रेपो रेट और कैश रिजर्व रेश्यो (सीआरआर) में मंगलवार को हुए इजाफे से बड़े-बड़े विश्लेषक भी हैरान रह गए। यह […]
सरकारी आंकड़ों के दावे हैं हकीकत से बहुत दूर
अभी हाल ही में कृषि मंत्रालय ने 2007-08 और उससे पिछले साल के कृषि के आंकड़े जारी किए। इसकी मानें तो इन दो सालों में कई फसलों का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ था। इसी वजह से कृषि मंत्रालय, कृषि क्षेत्र के इस प्रदर्शन को जबरदस्त बता रहा है। लेकिन करीब से देखने पर यह तस्वीर उतनी […]
चुनावी भूलभुलैया में उलझे आर्थिक सुधार
पिछले सप्ताह सत्तासीन साझा सरकार ने विश्वास प्रस्ताव में विजय हासिल कर ली है, लेकिन वह व्यापक स्तर पर समस्याओं के समाधान के लिए कुछ नहीं कर सकती है। मीडिया ने इस तरह के कयास लगाए हैं कि सुधार की प्रक्रिया फिर से गति पकड़ेगी, लेकिन ऐसा नहीं लगता। सही हो या गलत, चुनावी मौसम […]
बैंकों की रफ्तार पड़ेगी धीमी, लक्ष्य हुए कठिन
रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट और सीआरआर में किए गए इजाफे के बाद बैंक एक बार फिर अपने कर्ज और जमा की दरें बढ़ाने की तैयार कर रहे हैं। इस बढ़ोतरी का असर उनकी 2008-09 के लिए अनुमानित कारोबार वृध्दि और मार्जिन पर पड़ेगा। बैंक इस स्थिति के लिए बिलकुल तैयार नहीं थे। अधिकांश बैंक […]
अब तो खर्चे ही घटाने होंगे
रिजर्व बैंक के बाजार से तरलता सोखने की योजना कॉरपोरेट इंडिया के महत्वाकांक्षी पूंजी विस्तार योजना और बॉटमलाइन विकास को सीमित कर सकती है। कर्ज लेना अब पहले जैसा नहीं होगा और कंपनियों को ब्याज दरों के कारण ब्याज पर ज्यादा खर्च करना होगा। साथ ही कंपनियों को पूंजी की कमी से निपटने के लिए […]
थके-हारे ऑटो उद्योग को लगा एक और झटका
रेपो दर और नकद आरक्षी अनुपात सीआरआर में इजाफे का भारतीय रिजर्व बैंक का फैसला पहले से ही बेजार वाहन उद्योग पर और भारी पड़ने वाला है। महंगाई की मार और ईंधन की ऊंची कीमतों की वजह से पहले ही ग्राहक दोपहिया और चार पहिया के ख्वाब देखना बंद कर चुके थे, रिजर्व बैंक के […]
