क्या बिक्री बाद दी जाने वाली सेवा पर लगेगा कर?
ऐसे कई उत्पाद हैं जिनकी बिक्री के बाद डीलर या वितरक उत्पाद संबंधी सेवाएं उपभोक्ताओं को देते हैं। बिक्री के बाद होने वाली इन सेवाओं पर अप्रत्यक्ष कर लगाया जाए या नहीं, इसे लेकर लंबे समय तक विवाद चलता रहा है। डीलरों को इन सेवाओं पर जो खर्च उठाना पड़ता है, उसे कर के निर्धारण […]
भारत में विलय व अधिग्रहण है कानूनी बंधनों से युक्त
हाल में रैनबैक्सी को लेकर जो हंगामा हो रहा है, उस संबंध में यह बात उठने लगी है कि अपनी क्रियाशीलता को लेकर कंपनियों को सेबी के तहत वस्तुगत शेयरों और अधिकारों के अधिग्रहण को लेकर विपरीत परिस्थतियों में कही विवादों का जन्म तो नहीं हो रहा है। यह बात सूचीबध्द कंपनियों के लिए ज्यादा […]
बहाली मामले में सुनवाई वीआरएस सुविधाएं लौटाने के बाद ही होगी
सर्वोच्च न्यायालय ने मध्यप्रदेश की कंपनी विक्रम सीमेंट के कर्मचारियों को यह निर्देश दिया कि अगर वे अपनी नौकरी की समाप्ति को चुनौती देना चाहते हैं, तो स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) के तहत हासिल की गई रकम को वापस करें। वर्ष 2001 में 1500 कर्मचारियों में से 460 कर्मचारियों ने अंतिम निपटान के तौर पर […]
पूंजीगत संपत्ति के हस्तांतरण से कमाई पर आयकर
भारतीय आयकर कानून के तहत देश में स्थित किसी कैपिटल एसेट यानी पूंजीगत संपत्ति के हस्तांतरण से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर होने वाली कोई भी कमाई आयकर के दायरे में आती है। कई दफा भारत में मौजूद इन संपत्तियों की स्थिति को लेकर विवाद उठ खड़ा होता है। खासतौर पर अभौतिक संपत्तियां जैसे ट्रेडमार्क, […]
संभावनाएं हैं अपार, पर सरकारी बेरूखी से भोजपुरी सिनेमा है बेजार
उभरते उद्योग जगत की फेहरिस्त में जिस कदर मीडिया एवं मनोरंजन उद्योग ने एक लंबी छलांग लगाई है उसके मद्देनजर भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में क्षेत्रीय फिल्मों का दौर भी अब अपने पूरे शबाब पर है और इन सबके बीच भोजपुरी फिल्में भी अपना असर छोड़ने में सफल साबित हुईं हैं। 100 करोड़ रुपये से ऊपर […]
नई शक्ल में पुरानी फिएट की रंगत
जिस इमारत के साथ मेरा बहुत जुड़ाव रहा है, उसको गिराया जा चुका है। चार अक्षरों के जाने-पहचाने लोगो को बदलकर नया कर दिया गया है। मेरे जैसे कई लोगों की निजी डायरी का अहम हिस्सा रही इमारत को मजदूरों ने नई शक्ल दे दी है। एक वक्त में जिस कार का यहां स्वागत किया […]
जिहाद पर रणनीति में बदलाव जरूरी
बेंगलुरु और अहमदाबाद में हुए विस्फोटों के बाद देश भर में गुस्सा चरम पर है। इसके पहले काबुल स्थित भारतीय दूतावास और जयपुर में विस्फोट हुए। अगर शुरुआत में पाकिस्तान, कश्मीर घाटी में आतंकवाद को समर्थन कर रहा था तो अब वह देश वर्षो बाद अपनी महत्वाकांक्षा बढ़ा चुका है। अब जिहादी तत्व देश भर […]
संसद ही निपट सकती है सांसदों की रिश्वतखोरी से
संसद में पिछले मंगलवार को जो नजारा देखने को मिला उससे ज्यादातर लोग हतप्रभ हैं। वोट के लिए नोट दिए जाने के मामले में सरकार के हाथ भी बंधे हुए हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) सांसदों के रिश्वत मामले में 3:2 के बहुमत से 19 अप्रैल 1998 को संविधान के अनुच्छेद 105(2) […]
आसान नहीं होगी डगर आर्थिक सुधारों की
मनमोहन सिंह सरकार के विश्वास मत को लेकर मचे हंगामे और उस पर हुई चर्चा से तो रोमांचक से रोमांचक क्रिकेट मैच या सुपरहिट फिल्में भी शरमा जाएं। लेकिन बदकिस्मती से हिंदी फिल्मों की तरह सरकार के लिए अब आगे की राह आसान न होगी। परमाणु करार पर मचे हंगामे से मुल्क के सामने खड़ी […]
आखिर कैसे बचा जाए महंगाई के चक्रवाती तूफान से
पिछले कुछ महीने से उपभोक्ता बढ़ती महंगाई की आग में झुलस रहे हैं। 12 जुलाई को समाप्त हुए सप्ताह में महंगाई दर में मामूली गिरावट आई और यह 11.89 प्रतिशत पर पहुंच गया। वैसे यह अंतर तो मामूली था, लेकिन इसके बावजूद लोगों ने राहत की सांस ली। ऐसे समय में हर व्यक्ति के लिए […]
