बिस्कुट पर महंगाई की मार, डालेगी जेब पर भार
अब बिस्कुट भी महंगा होने जा रहा है। बिस्कुट निर्माताओं ने एक जुलाई से बिस्कुट की कीमत में 7-8 फीसदी तक की बढ़ोतरी का फैसला किया है। बिस्कुट निर्माताओं ने लागत में हुई बेतहाशा बढ़ोतरी को देखते हुए यह फैसला किया है। पिछले दो सालों के दौरान उत्पादन लागत में 33-35 फीसदी का इजाफा हुआ […]
मानसून आने से मक्के की बुआई प्रभावित
समय से पहले मानसून के आने से जहां काफी किसानों को राहत मिली है वहीं हिमाचल के किसानों के सामने इसके चलते काफी समस्याएं पैदा हो गयी है। समय से पहले ही मानसून के आने और वहां लगातार हो रही बारिश से राज्य के निचले हिस्से में अब तक मक्के की बुआई नहीं हो सकी […]
महंगाई की मार से नहीं बच पाया स्टार्च और पोल्ट्री उद्योग
मक्के की सबसे अधिक खपत करने वाले पोल्ट्री और स्टार्च उद्योगों का कहना है कि मक्के की कीमत में वृद्धि के चलते इनके उत्पादों की कीमत बढ़ाने के सिवा उनके सामने कोई दूसरा विकल्प नहीं है। 1,600 करोड़ रुपये का स्टार्च उद्योग मक्के की कीमत में तेजी से हो रही वृद्धि से हैरान है। जहां […]
चाय निर्यात में हो सकता है 28 फीसदी का इजाफा
कम बारिश से केन्या के चाय उत्पादन के प्रभावित होने और इराक के दक्षिण एशियाई देशों से चाय का आयात करने के फैसले से दुनिया के सबसे बड़े चाय उत्पादक भारत से होने वाले निर्यात में 28 प्रतिशत की वृध्दि होने का अनुमान है। टी बोर्ड ऑफ इंडिया के अध्यक्ष बासुदेव बनर्जी ने बताया कि […]
मनोरंजन की जंग में ‘खतरों के खिलाडी’
सामान्य मनोरंजन चैनलों की श्रेणी में यह दसवां आगाज होगा। पिछले साल पीटर मुखर्जी का 9 एक्स आया तो उसके बाद एनडीटीवी इमेजिन ने सामान्य मनोरंजन चैनलों की श्रेणी में प्रवेश किया। अब इस फेहरिस्त में नया नाम शामिल होने वाला है। यह नाम है वायकॉम-18 का ‘कलर्स’ जो जुलाई में शुरू होने जा रहा […]
अब आर्चीज की टी-शर्ट भी
अपना पोर्टफोलियो बढ़ाने के लिहाज से गिफ्ट और ग्रीटिंग कार्ड बनाने वाली कंपनी आर्चीज अब कपड़ों के कारोबार में भी उतर गई है। कंपनी ‘जिंजर लेमन’ ब्रांड के तहत टी-शर्ट बेच रही है। आर्चीज लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अनिल मूलचंदानी कहते हैं कि हम लोगों की पसंद के मुताबिक टी-शर्ट ऑफर कर रहे […]
उफान पर मनचाही सूचनाएं खोजने का कारोबार
सूचना प्रौद्योगिकी के जमाने में सूचनाओं का दबाव बढ़ता ही जा रहा है। ईएमसी और आईडीसी के अध्ययन के मुताबिक उम्मीद है कि 2010 तक सूचना आवक की वार्षिक वृद्धि 57 प्रतिशत तक बढ़कर 988 एक्जाबाइट हो सकती है। गौरतलब है कि एक एक्जाबाइट 100 करोड़ अरब बाइट के बराबर होती है। किसी इंसान द्वारा […]
पंजाब: होंगे नहीं कृषि मजदूर तो कैसे होगी फसल भरपूर
पंजाब विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्रियों का कहना है कि हरित क्रांति के बाद वहां आयी समृध्दि व गहन खेती के प्रचलन से अधिकाधिक मजदूरों की मांग होने लगी। 1960-61 में जहां 21 फसलों की खेती होती थी वह 90-91 में घटकर मात्र 9 रह गयी। अब तो मुख्य रूप से दो ही प्रकार की खेती हो […]
अरुणाचल बांध से असम के लोगों की छिन सकती है रोटी
जब हम असम में सुबनसीरी नदी के किनारे बसे हुए लखीमपुर जिले के सुनापुर गांव से गुजरते हैं तो हमारे कानों में लकड़ियों के कटने की आवाज गुंजने लगती है। असम और अरुणाचल प्रदेश की सीमा के नजदीक कोई जंगल तो नहीं है लेकिन यहां की नदी के बांध के नजदीक इमारती लकड़ियां ट्रकों में […]
भारतीय अर्थव्यवस्था: तूफान की ओर!
ऐसा कहा जा रहा है कि जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल होने की वजह से ‘दी परफेक्ट स्टॉर्म’ (1997 में यह मुहावरा इसी नाम की एक किताब से लिया गया था) मुहावरे पर रोक लगा दी जानी चाहिए। फिर भी यह सवाल उठाना गलत नहीं होगा कि क्या भारतीय अर्थव्यवस्था वाकई में ऐसे ही तूफान की […]
