वोडाफोन पर एक बार फिर से चला प्यारे कुत्ते का जादू
एक दौर था, जब वह मोबाइल फोन कंपनी ‘हच’ का सबसे चर्चित चेहरा था। लेकिन जब ‘हच’, ‘वोडाफोन’ बन गया तो वह थोड़े दिनों के लिए गायब हो गया था। अब वह फिर से वापस आ चुका है। अब तक तो आप समझ ही चुके होंगे कि हम हच के कुत्ते की बात कर रहे […]
ज्वाइंट बनाकर लोगों को दिया दर्द से छुटकारा
अगर आपको कसरत करने में दिक्कत होती है, तो कभी किसी घुटने के दर्द से परेशान रहने वाले शख्स से पूछें कि सिर्फ खड़ा रहने भर का आसान काम ही उनके लिए कितना मुश्किल होता है। इस काम में छड़ी, बैसाखियां और व्हीलचेयर कोई भी काम नहीं आता। इस वजह से सदियों से कई लोगों […]
पारदर्शिता है समाधान
वायदा कारोबार पर सरकार का रवैया काफी हैरान करने वाला है। एक ओर जहां सरकार मान्यता प्राप्त कमॉटिडी एक्सचेंजों के जरिये हो रहे वायदा कारोबार पर असहजता जताने का एक भी मौका नहीं चूकती। वहीं दूसरी ओर इसके समानांतर गैरकानूनी चैनलों से होने वाले ऐसे कारोबार धड़ल्ले से चल रहे हैं। व्यापारिक हलकों में यह […]
गारंटरों से कर्ज वसूली जायज नहीं
कर्ज वसूली एक ऐसा काम है, जिसके लिए पिछले कुछ समय में कानूनी हथियार का इस्तेमाल तो किया ही जा रहा है, जोर जबर्दस्ती करने में भी कोई गुरेज नहीं हो रहा है। नामीगिरामी बैंकों के हट्टे-कट्टे एजेंटों को रोकने के लिए अदालतों ने भी कई फैसले दिए हैं। शायद यही वजह है कि वित्तीय संस्थाओं […]
चपरासीगीरी के लिए क्यों मची है मारामारी?
पिछले हफ्ते एक अखबार (इंडियन एक्सप्रेस, 17 अप्रैल) के पहले पन्ने पर छपी खबर ने मुझे चौंका दिया। खबर कुछ इस तरह है। हरियाणा बिजली नियामक आयोग (एचईआरसी) ने 3 चपरासियों की भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला था। इसके लिए 11 हजार से भी ज्यादा लोगों ने आवेदन किया। भर्ती के लिए इंटरव्यू की प्रक्रिया […]
ज्यादा विदेशी मुद्रा बाहर ले जाने के लिए नियम बनेंगे सरल
ऐसा लगता है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) पूंजी के अंतर्प्रवाह और महंगाई पर पड़ने वाले इसके प्रभावों से निपटने के लिए विदेशी मुद्रा बहिर्प्रवाह की सीमा में छूट देने के लिए संतुलित कदम उठाने वाला है। इस घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों ने बताया कि अपनी मौद्रिक नीति में आरबीआई कॉर्पोरेट द्वारा देश में किए […]
अल्ट्राटेक सीमेंट: कीमतों में गिरावट से हो सकता है घाटा
भारत की दूसरी सबसे बड़ी सीमेंट कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट के परिणाम बाजार की आशाओं के अनुरुप नहीं रहे। कंपनी के वॉल्यूम की बिक्री भी कम रही। कंपनी के वाल्यूम में मार्च 2008 की तिमाही में 4.4 फीसदी की गिरावट आयी। बाजार में आपूर्ति से ज्यादा मांग होने के बावजूद कंपनी आशा के अनुरुप वॉल्यूम की […]
बैंकों का विलय चाहता है आरबीआई
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) देश के कई बैंकों के विलय के पक्ष में है। आरबीआई ने इस संबंध में सरकार के समक्ष प्रस्ताव रखा है। इस घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि बीते सप्ताह आरबीआई और वित्त मंत्रालय के कुछ अधिकारियों की दिल्ली में एक बैठक हुई थी। उसमें विलय के […]
बाजार शब्दावली
Debentureडिबेंचर यह एक ऋण का एक साधन है जिसके माध्यम से सरकार या कंपनियां धन जुटाती हैं। यह इक्विटी शेयरों से भिन्न होता है।डीबेंचर खरीदने वाला वास्तव में कर्जदाता होता है। डिबेंचर जारी करने वाली कंपनी या संस्थान गिरवी के तौर पर कुछ नहीं रखती, खरीदार उनकी साख और प्रतिष्ठा को देखते हुए डिबेंचर खरीदते […]
लौटी एनएफओ की बहार
शेयर बाजार में कुछ स्थिरता के लक्षण दिखते ही पिछले दो महीने ठंडे पड़े रहने के बाद न्यू फंड ऑफर (एनएफओ) अब फिर हरकत में आ गए हैं। पिछले साल ढेर सारे एनएफओ बाजार में उतारे गए थे और निवेशकों को इन फंडों ने खूब लुभाया भी। अब बाजार की हालत में कुछ सुधार को […]
