जून में जीएसटी संग्रह 56 प्रतिशत बढ़ा
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) मुआवजे की अवधि बढ़ाए जाने की कुछ राज्यों की ओर से मांग के बीच 5 साल पुराने अप्रत्यक्ष कर के माध्यम से संग्रह जून महीने में 56 प्रतिशत बढ़कर 1.45 लाख करोड़ रुपये हो गया है। पिछले साल जून में कोविड-19 की दूसरी खतरनाक लहर के कारण जीएसटी संग्रह घटकर […]
3.57 लाख करोड़ रुपये की नई परियोजनाएं
निजी और सरकारी इकाइयों द्वारा जून तिमाही में नई परियोजनाओं में निवेश पिछले साल के आंकड़ो के पार चला गया है। परियोजनाओं पर नजर रखने वाले सेंटर फार मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) के आंकड़ों के मुताबिक जून 2022 को समाप्त 3 महीनों के दौरान नई परियोजनाओं में 3.57 लाख करोड़ रुपये निवेश हुआ है। मार्च […]
हालात नकारात्मक वास्तविक दरों के लायक नहीं
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के सदस्य जयंत आर वर्मा का कहना है कि इसे लेकर चर्चा शुरू होनी चाहिए कि क्या केंद्रीय बैंक के कदमों को लेकर बाजार में किस तरह का स्पष्ट संकेत दिखता है। मनोजित साहा के साथ साक्षात्कार में वर्मा ने कहा कि मुद्रास्फीति को कम करने […]
नई गिरवी प्रणाली की समय सीमा बढ़ाई
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड सेबी (सेबी) ने डीमैट डेबिट ऐंड प्लेजिंग इंस्ट्रक्शन (डीडीपीआई) व्यवस्था के क्रियान्वयन की समय-सीमा बढ़ाकर 1 सितंबर, 2022 कर दी है। शुरू में यह समय-सीमा 1 जुलाई थी। हालांकि नई प्रणाली के लिए तैयारी में जुटीं डिपोजिटरी कंपनियों ने बाजार नियामक से इस समय-सीमा को आगे बढ़ाए जाने को कहा […]
रिलायंस व अदाणी कंपनियों के लिए तेजी बरकरार
दलाल पथ पर कोविड महामारी के बाद आई तेजी पिछले कुछ महीनों में प्रमुख सूचकांकों में आई भारी गिरावट के साथ समाप्त हो गई है। चालू कैलेंडर वर्ष 2022 की शुरुआत से बीएसई का सेंसेक्स करीब 9 प्रतिशत गिरा है और पिछले साल अक्टूबर के इसके सर्वाधिक ऊंचे स्तरों से इसमें करीब 15 प्रतिशत की […]
आईटी कंपनियों का वृद्धि पर रहेगा जोर
विश्लेषकों का मानना है कि सख्त तरलता हालात और वृद्धि के बजाय नकदी प्रवाह पर ध्यान केंद्रित करने से नए जाने की सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियों में समेकन को बढ़ावा मिलेगा। उनका कहना है कि सख्त तरलता से इन कंपनियों ने वृद्धि के साथसाथ नकदी संरक्षण पर जोर दिया है, क्योंकि उनके लिए प्रतिस्पर्धा में […]
पहली छमाही में कई परिसंपत्ति वर्गों को तगड़ा नुकसान
वित्त वर्ष 2022 की पहली छमाही के दौरान कई लोकप्रिय परिसंपत्ति वर्गों को भारी दबाव का सामना करना पड़ा। केंद्रीय बैंकों द्वारा बेलगाम हो रही मुद्रास्फीति पर काबू पाने के लिए आक्रामक मौद्रिक सख्ती बरतने की वजह से कई परिसंपत्ति वर्गों को दबाव झेलना पड़ा। क्रिप्टोकरेंसी और स्मॉलकैप जैसे जोखिमपूर्ण परिसंपत्ति वर्गों पर ज्यादा दबाव […]
एफपीआई की बिकवाली में बैंक व आईटी शेयर सबसे ज्यादा
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने पिछले 12 महीने में 2 लाख करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की है, जो वैश्विक आर्थिक संकट के बाद की सबसे तेज रफ्तार है। बिकवाली की उनकी प्रवृत्ति के विश्लेषण से पता चलता है कि जून 2021 के बाद से एफपीआई की बिकवाली में वित्तीय व सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की […]
आरआईएल टूटने के बाद भी बाजारों में कम गिरावट
सूचकांकों में सबसे ज्यादा भारांक रखने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में 7 फीसदी से ज्यादा की गिरावट के बावजूद बेंचमार्क इक्विटीज में मामूली नुकसान दर्ज हुआ। बेंचमार्क सेंसेक्स 111 अंक टूटकर 52,908 पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी 28 अंक फिसलकर 15,752 पर टिका। आरआईएल का शेयर 7.3 फीसदी टूटकर 2,406 पर बंद हुआ। इस […]
तेल फर्मों के शेयरों पर पड़ी चोट
रिलायंस इंडस्ट्रीज, ओएनजीसी और ऑयल इंडिया समेत तेल उत्पादक कंपनियों के शेयर शुक्रवार को भारी बिकवाली के दबाव में आ गए जब सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एटीएफ के निर्यात पर कर लगा दिया। इसमें कहा गया है कि इन उत्पादों के निर्यातकों को सबसे पहले देसी बाजार की जरूरतें पूरी करनी होगी। निर्यात पर […]
