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लेखक : आर जगन्नाथन

आज का अखबार, लेख

मितव्ययिता सही पर उससे ज्यादा असरदार होंगे सुधार, 10 गुना से ज्यादा बचत संभव

ईंधन कीमतों पर बढ़ते दबाव तथा वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को लग रहे झटकों के बीच प्रधानमंत्री ने पिछले दिनों मितव्ययिता का जो आह्वान किया था उसको गलत ठहराना मु​श्किल है। अन्य चीजों के अलावा उन्होंने नागरिकों से कहा था कि वे सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें और पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल कम करें। उन्होंने किसानों से […]

आज का अखबार, लेख

भारत में तेजी से बदलते रोजगार परिदृश्य पर नीति निर्माताओं को देना होगा ध्यान

बड़े चुनावों से पहले अक्सर जनता की नब्ज टटोलने के लिए सर्वेक्षण कराए जाते हैं। इन सभी सर्वेक्षणों में मोटे तौर पर यह निकल कर आता है कि बेरोजगारी मतदाताओं के लिए सबसे अहम मुद्दों में एक है। अक्सर ऐसा देखा गया है कि अधिकांश राजनीतिक दल सत्ता में आने पर बड़े पैमाने पर रोजगार […]

आज का अखबार, लेख

अमेरिका-चीन के वर्चस्व को चुनौती: मध्यम शक्तियों का नया गठबंधन ‘R7’ बदल देगा दुनिया!

इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता संघर्ष अब वैश्विक भू-राजनीति में गहरी दरारें पैदा कर रहा है। यूरोपीय संघ (ईयू) और जापान ने पश्चिम एशिया में हो रहे इस संघर्ष में शामिल होने से इनकार कर दिया है, खासतौर पर होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री मार्गों की सुरक्षा के मुद्दे पर जहां ईरान ने कुछ […]

आज का अखबार, लेख

ईरान युद्ध ने दिखाया आईना: भारत को ऊर्जा निर्भरता पर फिर से करना होगा गंभीर मंथन

ईरान और इजरायल-अमेरिका युद्ध का नतीजा जो भी हो और भले ही यह लड़ाई आने वाले कुछ दिनों या सप्ताहों में खत्म हो जाए, मगर एक बात तो तय है कि भारत को अब अपनी ऊर्जा निर्भरताओं पर नए सिरे से गंभीरता से विचार करना होगा। अन्य क्षेत्रों पर निर्भरता भी जरूरी है मगर ऊर्जा […]

आज का अखबार, लेख

युद्ध के लिए अर्थव्यवस्था तैयार करना: भारत को संघर्ष-प्रधान दुनिया के लिए अनुकूल होना होगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सितंबर 2022 में शांघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के समरकंद शिखर सम्मेलन के दौरान दिया गया बयान समय के साथ सही साबित नहीं हुआ है। रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन से हुई मुलाकात के दौरान उन्होंने कहा था, ‘मुझे पता है कि आज का दौर युद्ध का नहीं है।’ यह बयान यूक्रेन […]

आज का अखबार, लेख

भारत की व्यापारिक उपलब्धियों और बजट के बाद अब हो असल मुद्दों पर बात

पिछले कुछ दिनों में जो घटनाक्रम हुए हैं उनसे ऐसा लगता है कि अर्थशास्त्र में एक सप्ताह उतना ही लंबा समय होता है जितना राजनीति में। इसकी शुरुआत भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच ‘सभी व्यापार करार की जननी’ की घोषणा के साथ हुई और इसके दो दिन बाद भारत में अब तक की […]

आज का अखबार, लेख

अमेरिका-यूरोप व्यापार समझौतों पर छाए बादल, भारत संभावित चुनौतियों के लिए तैयार

भारतीय अधिकारी समय-समय पर भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते और यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते की संभावना जताते रहते हैं। विदेश मंत्रालय की एक ब्रीफिंग में कुछ महीने पहले कहा गया था कि दोनों समझौतों की दिशा में इस इरादे से आगे बढ़ा जा रहा है कि निष्पक्ष, संतुलित और साझा […]

आज का अखबार, लेख

बड़े बैंक चाहिए या अधिक फुर्तीले बैंक? तकनीकी बदलाव के बीच बदलाव के लिए तैयार सेक्टर

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सरकार भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के साथ इस बारे में चर्चा कर रही है कि विलय की पिछली प्रक्रिया में बाकी रह गए छह सरकारी बैंकों का समेकन किया जाए। इन बैंकों में बैंक ऑफ इंडिया जैसा बड़ा बैंक भी शामिल है और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, […]

आज का अखबार, लेख

आज की दुनिया में ट्रंप का जी2 सपना महज कागजी, वैश्विक प्रभाव से रहित

चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ अपनी हालिया बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने दो महाशक्तियों (जी2) के नेतृत्व वाली एक नई विश्व व्यवस्था की संभावना जताई। उनका कहना यह था कि ये दो महाशक्तियां मिलकर दुनिया पर राज कर सकती हैं और यह तय कर सकती हैं कि सभी के लिए क्या […]

आज का अखबार, लेख

विकास के लिए जरूरी: भारत के अरबपतियों का निवेश और लाखपतियों की वापसी

अमेरिका में डॉनल्ड ट्रंप के दोबारा सत्ता संभालने और दो अंतहीन युद्धों (यूक्रेन और गाजा में) के बाद व्यापार, निवेश और सुरक्षा के लिए बाहरी हालात बिगड़ गए हैं। इन परिस्थितियों के बीच भारत को विकास और रोजगार के अवसर तैयार करने होंगे। इसकी तत्काल जरूरत इसलिए भी आन पड़ी है क्योंकि निर्यात जल्द संभलने […]

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