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लेखक : तमाल बंद्योपाध्याय

आज का अखबार, लेख

बैंकिंग साख : अदाणी मामले का भारतीय बैंकों के लिए निहितार्थ

अदाणी समूह पर हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के बाद बैंकिंग क्षेत्र को लेकर भी तरह-तरह की बातें होने लगी हैं। इस रिपोर्ट में अदाणी समूह पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। चूंकि, भारतीय बैंकों ने अदाणी समूह को कर्ज दे रखे हैं, इसलिए बैंकिंग तंत्र पर संभावित असर से जुड़ी अटकलों का बाजार […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार, लेख

अगली बैठक में पॉलिसी रेट में इजाफा रुकेगा!

किसी को यह उम्मीद नहीं रही होगी कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) इससे बेहतर कदम उठाएगा। आरबीआई की दरें तय करने वाली मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने नीतिगत दरों (Policy Rate) में एक बार फिर 25 आधार अंकों का इजाफा किया है। मई 2022 में दरों में इजाफे का सिलसिला शुरू होने के बाद यह […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार, बजट, लेख

​रिजर्व बैंक बढ़ा सकता है 25 आधार अंक

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौ​द्रिक नीति समिति इस सप्ताह ज​ब वित्त वर्ष 2023 की अंतिम बैठक करेगी तो वह नीतिगत दरों पर भी निर्णय लेगी। केंद्रीय बजट हाल ही में पेश किया गया है और चार वै​श्विक केंद्रीय बैंकों ने पिछले पखवाड़े दरों को लेकर कदम उठाए हैं। बैंक ऑफ कनाडा ने अपनी मानक […]

आज का अखबार, बजट, संपादकीय

बैंकिंग क्षेत्र को बजट का करना चाहिए स्वागत

प्रत्येक वर्ष फरवरी में राजकोषीय-मौद्रिक मोर्चे पर दो महत्त्वपूर्ण आयोजन होते हैं। यह वर्ष भी कोई अपवाद नहीं है। बुधवार को संसद में वित्त वर्ष 2023-24 का बजट पेश होने के बाद अब भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति नीतिगत दरों की समीक्षा करेगी। यह चालू वित्त वर्ष में समिति की आखिरी बैठक […]

आज का अखबार, लेख

जब केंद्रीय भूमिका में आता है मध्य वर्ग

आमतौर पर केंद्रीय बजट के पहले इस स्तंभ में हम यह चर्चा करते थे कि अगले वित्त वर्ष में सरकार की संभावित उधारी क्या हो सकती है और बॉन्ड प्रतिफल पर इसका क्या असर हो सकता है। परंतु इस बार हम एक अन्य विषय पर बात करेंगे। इसकी प्रेरणा है वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का […]

आज का अखबार, लेख

जमा रकम पाने के लिए बैंकों में बढ़ेगी होड़

बैंकों में जमा रकम का अंबार लगाने की होड़ लगी हुई है। वरिष्ठ बैंक अधिकारियों को भी याद नहीं कि जमा रकम के लिए बैंकों के बीच इतनी आपा-धापी कब दिखी थी। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकों को वर्ष 1990 के मध्य में सावधि जमा पर ब्याज दर तय करने की छूट दी थी। […]

आज का अखबार, लेख

सरकारी बैंकों के प्रमुखों की सेवानिवृत्ति में पेच

वित्तीय सेवा संस्थान ब्यूरो ने शनिवार को बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक (एमडी) संजीव चड्ढा और बैंक ऑफ इंडिया के प्रमुख अतनु कुमार दास के उत्तराधिकारी के लिए सिफारिशें कीं। दोनों को तीन-तीन साल के कार्यकाल के बाद इस महीने के अंत में सेवानिवृत्त होना था। इस घोषणा के कुछ […]

आज का अखबार, लेख

कारोबारी मॉडल में बदलाव कर रहा SBI

पिछले साल भारत के बैंकिंग क्षेत्र ने बड़े अंतर के साथ शेयर बाजार से बेहतर प्रदर्शन किया। इस अवधि में सेंसेक्स और निफ्टी में क्रमश: 4.44 फीसदी और 4.33 प्रतिशत की तेजी आई, जबकि वर्ष 2022 में बीएसई बैंकेक्स और निफ्टी बैंक दोनों में कम से कम 21 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। निफ्टी […]

आज का अखबार, लेख

कोछड़ मामले की जांच सीबीआई के लिए निर्णायक

पिछले हफ्ते एक विशेष अदालत ने आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व प्रबंध निदेशक (एमडी) और मुख्य कार्या​धिकारी (सीईओ) चंदा कोछड़ और उनके पति दीपक कोछड़ तथा वीडियोकॉन समूह के प्रवर्तक वेणुगोपाल धूत को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। चंदा भायखला महिला जेल में बंद हैं और उनके पति तथा धूत आर्थर रोड […]

आज का अखबार, लेख

बैंकिंग क्षेत्र में चर्चा के केंद्र में रहे 3 बिंदु

वर्ष 2022 में तीन बिंदु-क्रिप्टोकरेंसी, सीबीडीसी और क्रेडिट ग्रोथ (थ्री सी) अहम रहे हैं। क्रिप्टोकरेंसी के खिलाफ निरंतर संघर्ष, सीबीडीसी (केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा) की ओर बढ़ते छोटे कदम और बैंक की ऋण वृदि्ध एक दशक के उच्च स्तर पर रही है। हालांकि इस पृष्ठभूमि में दरों में लगातार बढ़ोतरी और नकदी में कमी के […]

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