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Coal India का दावा: गर्मियों में बिजली संकट नहीं, 16.8 करोड़ टन कोयला स्टॉक मौजूद

इसमें बिजली संयंत्रों, सीआईएल के खदानों के मुहानों (माइन हेड्स), ट्रांजिट पॉइंट्स और रेलवे नेटवर्क के माध्यम से परिवहन किए जा रहे कोयले का स्टॉक भी शामिल है

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साकेत कुमार   
Last Updated- May 26, 2026 | 10:31 PM IST

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने मंगलवार को कहा कि गर्मी में बिजली की बढ़ती मांग पूरी करने के लिए कोयले का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। कंपनी ने यह बयान ताप बिजली संयंत्रों में संभावित कमी की चिंता को दूर करने के उद्देश्य से दिया है।

कंपनी ने बताया कि वर्तमान में कुल 16.8 करोड़ टन कोयले का भंडार उपलब्ध है। इसमें बिजली संयंत्रों, सीआईएल के खदानों के मुहानों (माइन हेड्स), ट्रांजिट पॉइंट्स और रेलवे नेटवर्क के माध्यम से परिवहन किए जा रहे कोयले का स्टॉक भी शामिल है।

घरेलू कोयले से चलने वाले ताप बिजली संयंत्रों के पास 23 मई तक कोयले का स्टॉक 4.76 करोड़ टन था, जबकि 24 मई तक कोल इंडिया की खदानों के मुहानों पर 11.35 करोड़ टन भंडारण था, जो पिछले साल की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक है। कंपनी ने कहा कि वर्तमान स्टॉक का स्तर लगभग 19 दिनों की खपत पूरी करने के लिए पर्याप्त है।

इसके अलावा गुड्स शेड, बंदरगाहों और निजी वॉशरियों जैसे ट्रांजिट पॉइंट्स पर लगभग 30 लाख टन कोयला पड़ा है, जबकि रेलवे रेकों के माध्यम से लगभग 40 लाख टन कोयला इस समय रास्ते में है।   कोल इंडिया ने कहा कि गर्मी चरम पर पहुंचने पर बिजली संयंत्रों के कोयले के स्टॉक में कमी होती ही है और इसे आपूर्ति के संकट के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

भारत की 80 प्रतिशत से अधिक कोयले की मांग को पूरा करने वाली खनन कंपनी कोल  इंडिया ने बताया कि मांग और बढ़ने पर तत्काल कोयला निकालने और भेजने के लिए लगभग 5 करोड़ टन  कोयला खदान के अंदर आसानी से उपलब्ध है।  20 मई तक 21 ताप बिजली संयंत्रों को संभावित संकट श्रेणी में वर्गीकृत किया गया था।

First Published : May 26, 2026 | 10:26 PM IST