facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Coal India का दावा: गर्मियों में बिजली संकट नहीं, 16.8 करोड़ टन कोयला स्टॉक मौजूद

Advertisement

इसमें बिजली संयंत्रों, सीआईएल के खदानों के मुहानों (माइन हेड्स), ट्रांजिट पॉइंट्स और रेलवे नेटवर्क के माध्यम से परिवहन किए जा रहे कोयले का स्टॉक भी शामिल है

Last Updated- May 26, 2026 | 10:31 PM IST
Coal India

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने मंगलवार को कहा कि गर्मी में बिजली की बढ़ती मांग पूरी करने के लिए कोयले का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। कंपनी ने यह बयान ताप बिजली संयंत्रों में संभावित कमी की चिंता को दूर करने के उद्देश्य से दिया है।

कंपनी ने बताया कि वर्तमान में कुल 16.8 करोड़ टन कोयले का भंडार उपलब्ध है। इसमें बिजली संयंत्रों, सीआईएल के खदानों के मुहानों (माइन हेड्स), ट्रांजिट पॉइंट्स और रेलवे नेटवर्क के माध्यम से परिवहन किए जा रहे कोयले का स्टॉक भी शामिल है।

घरेलू कोयले से चलने वाले ताप बिजली संयंत्रों के पास 23 मई तक कोयले का स्टॉक 4.76 करोड़ टन था, जबकि 24 मई तक कोल इंडिया की खदानों के मुहानों पर 11.35 करोड़ टन भंडारण था, जो पिछले साल की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक है। कंपनी ने कहा कि वर्तमान स्टॉक का स्तर लगभग 19 दिनों की खपत पूरी करने के लिए पर्याप्त है।

इसके अलावा गुड्स शेड, बंदरगाहों और निजी वॉशरियों जैसे ट्रांजिट पॉइंट्स पर लगभग 30 लाख टन कोयला पड़ा है, जबकि रेलवे रेकों के माध्यम से लगभग 40 लाख टन कोयला इस समय रास्ते में है।   कोल इंडिया ने कहा कि गर्मी चरम पर पहुंचने पर बिजली संयंत्रों के कोयले के स्टॉक में कमी होती ही है और इसे आपूर्ति के संकट के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

भारत की 80 प्रतिशत से अधिक कोयले की मांग को पूरा करने वाली खनन कंपनी कोल  इंडिया ने बताया कि मांग और बढ़ने पर तत्काल कोयला निकालने और भेजने के लिए लगभग 5 करोड़ टन  कोयला खदान के अंदर आसानी से उपलब्ध है।  20 मई तक 21 ताप बिजली संयंत्रों को संभावित संकट श्रेणी में वर्गीकृत किया गया था।

Advertisement
First Published - May 26, 2026 | 10:26 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement