फ्लिपकार्ट का शॉपसी खुद को आर्टिफिशल इंटेलिजेंस की अगुआई वाले शॉपिंग प्लेटफॉर्म के रूप में स्थापित कर रहा है। वह भारत में ऑनलाइन उपभोक्ताओं की अगली कतार के साथ जुड़ाव बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। कंपनी ने कहा कि यह ऐप अब केवल पेशकश आधारित कॉमर्स से आगे बढ़कर और ज्यादा आकर्षक अनुभव प्रदान करने की दिशा में बढ़ रही है, जिसका लक्ष्य महानगरों और छोटे कस्बों में रहने वाले युवा तथा मूल्य के प्रति सजग ग्राहक हैं।
फ्लिपकार्ट के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमेश गुरुराज ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘हम सिर्फ छोटे और मझोले शहरों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे भारत के लिए निर्माण कर रहे हैं। हर ग्राहक के आंतरिक इरादे को समझना लक्ष्य है, फिर चाहे वह कोई भी हो।’
उन्होंने कहा, ‘यह हमारे विशाल संग्रह से सही उत्पाद को सामने लाने तथा और अधिक विकल्प प्रदान करने के लिए उस संकेत को वास्तविक समय में अंजाम देने से जुड़ा है। चाहे कोई इंस्टाग्राम रील, फोटो, वॉयस क्वेरी साझा करे या केवल ‘येलो कुर्ती’ टाइप करे, हम चाहते हैं कि हर माध्यम काम करे। तकनीक का काम उपभोक्ता के साथ संवाद करना है, ठीक वैसे ही जैसे कोई अच्छा दुकानदार करता है।’
देश का ई-कॉमर्स बाजार तीन कारकों से नया आकार ले रहा है – मझोले और छोटे शहरों की नई ग्राहक वृद्धि में अब 65 प्रतिशत की हिस्सेदारी है, देश के ऑनलाइन ग्राहक आधार में लगभग आधी हिस्सेदारी जेन ज़ी की रहती है तथा भरोसा डिजिटल कॉमर्स के लिए बाधा बना हुआ है।
फ्लिपकार्ट ने कहा कि शॉपसी की फिर से तैयार की गई यह ऐप इन बदलावों के साथ-साथ देश भर में ऑनलाइन आने वाले अगले 10 करोड़ ग्राहकों को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई है। तकनीक पर दिए जा रहे इस जोर से मीशो, एमेजॉन और रिलायंस के जियोमार्ट जैसी प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले उसकी स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।