प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी इंडिया इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनैंस कंपनी लिमिटेड (आईआईएफसीएल) अपनी निवेश विविधीकरण रणनीति के तहत चालू वित्त वर्ष में अवसंरचना निवेश ट्रस्ट (इनविट) में अपना निवेश दोगुना कर 6,000 करोड़ रुपये करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। आईआईएफसीएल का 31 मार्च, 2026 तक नौ इनविट में कुल निवेश 3,000 करोड़ रुपये था।
आईआईएफसीएल के प्रबंध निदेशक रोहित ऋषि ने बताया, ‘हमें उम्मीद है कि हम चालू वित्त वर्ष में इनविट में अपना निवेश दोगुना कर लेंगे। मार्च, 2027 के आखिर तक यह 6,000 करोड़ रुपये तक पहुंच जाना चाहिए।’
बुनियादी ढांचा क्षेत्र के महत्त्व का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह देश की लंबे समय की आर्थिक वृद्धि को बनाए रखने और 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य पाने में अहम भूमिका निभाएगा। ऋषि ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की जुझारू क्षमता का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दीर्घावधि की वृद्धि को कायम रखने के लिए बुनियादी ढांचा क्षेत्र की प्रमुख भूमिका है। उन्होंने कहा कि आईआईएफसीएल भारत की बुनियादी ढांचा क्षेत्र की यात्रा में समर्थन करने को प्रतिबद्ध है।
आईआईएफसीएल की वित्तीय ताकत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दिसंबर, 2025 तक ऋण संस्थान का पूंजी पर्याप्तता अनुपात 21 प्रतिशत और शुद्ध एनपीए 0.3 प्रतिशत थीं। वर्ष 2006 में स्थापित आईआईएफसीएल व्यवहार्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को दीर्घावधि का वित्तीय समर्थन प्रदान करती है। आईआईएफसीएल सितंबर, 2013 से भारतीय रिजर्व बैंक के साथ एक एनबीएफसी-एनडी-आईएफसी के रूप में पंजीकृत है।