प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
चिप बनाने वाली कंपनी इंटेल ने शुक्रवार को 3डी ग्लास सॉल्युशंस (3डीजीएस) और ओडिशा सरकार के साथ एक समझौता किया है, जिसके तहत भुवनेश्वर-खुर्दा क्षेत्र में 3.3 अरब डॉलर की लागत से एक एडवांस्ड पैकेजिंग ग्लास-कोर सबस्ट्रेट निर्माण इकाई स्थापित की जाएगी।
सरकार ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि इंटेल इस परियोजना को अपनी तकनीकी जानकारी और प्रोसेस विशेषज्ञता से सहयोग देगी। यह प्रस्तावित परियोजना देश में उच्च तकनीक निर्माण के सबसे बड़े निवेशों में से एक है, खासकर सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में। यह केवल टाटा समूह द्वारा भारत की पहली चिप फैब्रिकेशन इकाई बनाने के लिए प्रस्तावित 11 अरब डॉलर के निवेश के बाद दूसरी बड़ी परियोजना है।
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह समझौता भारत में संपूर्ण सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकोसिस्टम विकसित करने के सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप है।
अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना से एक बड़े सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का विकास हो सकता है। इस इकोसिस्टम में स्पेशलिटी केमिकल्स, एडवांस्ड मैटीरियल्स, कैपिटल इक्विपमेंट और ग्लास सबस्ट्रेट्स के अपस्ट्रीम आपूर्तिकर्ताओं के साथ-साथ डाउनस्ट्रीम इलेक्ट्रॉनिक्स और सिस्टम इंटीग्रेशन उद्योग भी शामिल होंगी। यह प्रस्तावित परियोजना 1,800 सीधे और उच्च-कौशल वाले रोजगार पैदा करेगी। परियोजना के अगले पांच से छह साल में पूरा होने की उम्मीद है।
इसका मुख्य ध्यान एडवांस्ड पैकेजिंग ग्लास-कोर सबस्ट्रेट्स, हाई-डेंसिटी इंटरकनेक्ट सबस्ट्रेट्स और संबंधित सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजीज पर होगा। ग्लास सबस्ट्रेट एक गर्मी-रोधी, पारदर्शी आधार सामग्री है जिसका उपयोग एडवांस्ड सेमीकंडक्टर पैकेजिंग में किया जाता है।
नई दिल्ली में ओडिशा की मुख्य सचिव अनु गर्ग, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी के अतिरिक्त मुख्य सचिव विशाल कुमार देव और इंटेल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लिप-बू टैन की उपस्थिति में एक त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।