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दिल्ली की एक गैर-लाभकारी कानूनी संस्था सॉफ्टवेयर फ्रीडम लॉ सेंटर (एसएफएलसी) इंडिया, इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन (आईआईएफ), प्रेस क्लब ऑफ इंडिया और पत्रकारों के 5 अन्य संगठनों ने सूचना प्रौद्योगिकी नियम (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) 2021 में प्रस्तावित संशोधनों को वापस लेने की मांग की है।
इन संगठनों का कहना है कि इससे स्वतंत्र समाचार और सामान्य कंटेंट बनाने वाले सूचना और प्रसारण मंत्रालय के दायरे में आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2021 के आईटी नियमों में प्रस्तावित संशोधन से स्वतंत्र कंटेंट बाने वालों की स्वतंत्रता और रचनात्मकता को खतरा हो सकता है और सरकार की सेंसरशिप की क्षमता बढ़ सकती है।
एसएफएलसी इंडिया की संस्थापक मिशी चौधरी ने कहा, ‘हालांकि ये संशोधन कथित तौर पर नियमों के पालन को मजबूत करने के लिए जारी किए गए हैं, लेकिन ये ऐसे व्यापक बदलाव लाएंगे जो संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ए) के तहत बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कम कर देंगे और स्थापित कानूनी ढांचों को कमजोर करेंगे।’