प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय यात्रा को लेकर लोगों की धारणा पर बहुत ज्यादा असर हुआ है। लेकिन लक्जरी ट्रैवल सेगमेंट अब भी मजबूत बना हुआ है क्योंकि यात्री घरेलू पर्यटन के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं। यह जानकारी होटल उद्योग के शीर्ष अधिकारियों ने शुक्रवार को दी।
लीला पैलेस होटल्स ऐंड रिसॉर्ट्स लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अनुराग भटनागर ने कहा, ‘मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों का हमारे कारोबार पर असर पड़ा है। हमारे समूह के होटल में कई बुकिंग रद्द हुई हैं और कई कार्यक्रमों एवं कॉन्फ्रेंस को आगे के लिए टाल दिया गया है। लेकिन हम 40 साल पुरानी कंपनी हैं और हमने 9/11 के नयू यार्क हमले और 26/11 के मुंबई हमले जैसे संकट देखे हैं। हमने पाया है कि लक्जरी सेगमेंट में रिकवरी बहुत जल्दी होती है। यह सेगमेंट हमेशा से अधिक मजबूत रहा है।’
कंपनी के अनुसार, उसके करीब 55 प्रतिशत ग्राहक मेहमान अंतरराष्ट्रीय हैं। कंपनी ने पिछले साल दुबई के पाम जुमैरा में एक लक्जरी बीचफ्रंट रिसॉर्ट में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए समझौते को मंजूरी दी थी और इसके साथ उसने वैश्विक स्तर पर विस्तार की शुरुआत की।
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सिर्फ विदेशी पर्यटक ही नहीं बल्कि विदेश यात्रा करने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या में भी कमी आई है। भटनागर ने कहा, ‘लेकिन यह एक अवसर भी है। अब छुट्टियों का मौसम आ रहा है तो हम उम्मीद करते हैं कि विदेश जाने वाले पर्यटक फिर से हमारे रिसॉर्ट होटलों में लौटेंगे।’ वहीं, ग्लोबल होटल अलायंस के सीईओ क्रिस्टोफर हार्टले ने बताया कि पश्चिम एशिया में मौजूद होटलों के कारोबार पर भारी असर पड़ा है और वहां कमरों की बुकिंग एक अंक तक गिर गई है।
उन्होंने कहा, ‘इस युद्ध का असर आगे भी जारी रहेगा, लेकिन आने वाले महीनों में उतनी गंभीर स्थिति नहीं रहेगी क्योंकि यह समय आमतौर पर पर्यटन के लिए ऑफ-सीजन होता है। हालांकि वैश्विक स्तर पर कारोबार स्थानांतरित हो गया है। जैसे भारत में अंतरराष्ट्रीय यात्राओं की जगह घरेलू पर्यटन ने ले ली है। निश्चित तौर पर लक्जरी ट्रैवल की स्थिति अब भी मजबूत बनी हुई है।’ उन्होंने यह भी बताया कि कोविड-19 के बाद से यात्रा करने के तरीकों और रुझान में काफी बदलाव आया है।