उद्योग

खनिज संपदा के बावजूद आयात का बोझ, क्या राज्यों की धीमी चाल देश को पड़ रही महंगी?

भारत में भरपूर खनिज संसाधन होने के बावजूद बॉक्साइट और एल्युमीनियम के आयात से अर्थव्यवस्था पर भारी बोझ बढ़ रहा है।

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हेमंत कुमार राउत   
Last Updated- April 13, 2026 | 8:48 AM IST

एल्युमीनियम तेजी से अगली पीढ़ी के विनिर्माण में रणनीतिक सामग्री बन रही है। एक सेमीनार के दौरान विशेषज्ञों ने कहा कि ओडिशा जैसे राज्यों को अपने बॉक्साइट संसाधनों को जल्द से जल्द क्रियाशील बनाने और उन्हें निचले स्तर की मूल्य श्रृंखलाओं से जो़ड़ने की जरूरत है।

विशेषज्ञों ने कहा कि वित्त वर्ष 2025 में भारत ने करीब 45 लाख टन बॉक्साइट का आयात किया, जिसकी वजह से करीब 4,000 से 5,000 करोड़ रुपये विदेशी मुद्रा का बोझ पड़ा। वहीं वित्त वर्ष 2026 में तैयार एल्युमीनियम का आयात 70,000 करोड़ रुपये के पार चला गया है। इससे खनिज की उपलब्धता के बावजूद भारी आर्थिक बोझ का पता चलता है और इससे क्षेत्रीय विकास, औद्योगिक वृद्धि और रोजगार की संभावनाएं भी प्रभावित हो रही हैं।

थिंक चेंज फोरम में बोलते हुए इंडियन ब्यूरो ऑफ माइंस के पू्र्व कंट्रोलर जनरल आरके सिन्हा ने कहा कि मजबूत औद्योगिक केंद्र और एल्युमीनियम केंद्र बनने के लिए ओडिशा के पास पर्याप्त संसाधन मौजूद है।

First Published : April 13, 2026 | 8:48 AM IST