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स्पाइसजेट ने 144.5 करोड़ रुपये जमा करने के आदेश पर दिल्ली हाई कोर्ट से मांगी राहत

स्पाइसजेट ने कलानिधि मारन विवाद में 144.5 करोड़ रुपये जमा करने के अदालती आदेश से राहत मांगते हुए वित्तीय संकट और उड़ानें ठप होने की चेतावनी दी है

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बीएस संवाददाता   
Last Updated- April 13, 2026 | 9:50 PM IST

सोमवार को स्पाइसजेट ने दिल्ली हाई कोर्ट से गुहार लगाई कि उसे एक निर्देश से तत्काल राहत दी जाए। इस निर्देश के तहत स्पाइसजेट को अपने पूर्व प्रमोटर कलानि​धि मारन और काल एयरवेज के साथ चल रहे लंबे विवाद के सिलसिले में 144.5 करोड़ रुपये जमा करने को कहा गया था। स्पाइसजेट ने चेतावनी दी कि इस आदेश पर अमल करने से एयरलाइन वित्तीय संकट में फंस सकती है।

किफायती एयरलाइन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने दलील दी कि एयरलाइन की मौजूदा वित्तीय स्थिति को देखते हुए, तय समय-सीमा के भीतर जमा राशि की शर्त को पूरा करना असंभव है। उन्होंने यह तर्क दिया कि इस चरण पर भुगतान के लिए जोर देने से एयरलाइन के कामकाज में गंभीर बाधा आ सकती है, जिससे उड़ानें रद्द हो सकती हैं और स्थिति और भी ज्यादा बिगड़ सकती है।

यह विवाद वर्ष 2015 के एक शेयर हस्तांतरण समझौते से जुड़ा है। 2025 में स्पाइसजेट का अधिग्रहण उसके वर्तमान प्रमोटर अजय सिंह ने मारन परिवार से किया था।

वारंट और वित्तीय देनदारियों को लेकर बाद में हुए मतभेदों के कारण मध्यस्थता की कार्यवाही हुई, जिसके परिणामस्वरूप मारन के पक्ष में फैसला आया। 

First Published : April 13, 2026 | 9:47 PM IST