facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

स्पाइसजेट ने 144.5 करोड़ रुपये जमा करने के आदेश पर दिल्ली हाई कोर्ट से मांगी राहत

Advertisement

स्पाइसजेट ने कलानिधि मारन विवाद में 144.5 करोड़ रुपये जमा करने के अदालती आदेश से राहत मांगते हुए वित्तीय संकट और उड़ानें ठप होने की चेतावनी दी है

Last Updated- April 13, 2026 | 9:50 PM IST
SpiceJet
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

सोमवार को स्पाइसजेट ने दिल्ली हाई कोर्ट से गुहार लगाई कि उसे एक निर्देश से तत्काल राहत दी जाए। इस निर्देश के तहत स्पाइसजेट को अपने पूर्व प्रमोटर कलानि​धि मारन और काल एयरवेज के साथ चल रहे लंबे विवाद के सिलसिले में 144.5 करोड़ रुपये जमा करने को कहा गया था। स्पाइसजेट ने चेतावनी दी कि इस आदेश पर अमल करने से एयरलाइन वित्तीय संकट में फंस सकती है।

किफायती एयरलाइन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने दलील दी कि एयरलाइन की मौजूदा वित्तीय स्थिति को देखते हुए, तय समय-सीमा के भीतर जमा राशि की शर्त को पूरा करना असंभव है। उन्होंने यह तर्क दिया कि इस चरण पर भुगतान के लिए जोर देने से एयरलाइन के कामकाज में गंभीर बाधा आ सकती है, जिससे उड़ानें रद्द हो सकती हैं और स्थिति और भी ज्यादा बिगड़ सकती है।

यह विवाद वर्ष 2015 के एक शेयर हस्तांतरण समझौते से जुड़ा है। 2025 में स्पाइसजेट का अधिग्रहण उसके वर्तमान प्रमोटर अजय सिंह ने मारन परिवार से किया था।

वारंट और वित्तीय देनदारियों को लेकर बाद में हुए मतभेदों के कारण मध्यस्थता की कार्यवाही हुई, जिसके परिणामस्वरूप मारन के पक्ष में फैसला आया। 

Advertisement
First Published - April 13, 2026 | 9:47 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement