Zomato-Swiggy Platform Fee Hike: कंज्यूमर सेक्टर में जहां कंपनियां ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई-नई रणनीतियां अपना रही हैं, वहीं महंगाई और बढ़ती लागत उनके सामने बड़ी चुनौती बनती जा रही है। सेंट्रम ब्रोकरेज की ताजा रिपोर्ट इस बदलती तस्वीर के कई अहम पहलुओं को सामने लाती है।
अब महंगे बड़े पैक का दौर धीरे-धीरे बदलता नजर आ रहा है। खासकर प्रोटीन और हेल्थ प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनियां छोटे पैक लॉन्च कर रही हैं। वजह साफ है, कीमत कम रखकर ज्यादा से ज्यादा नए ग्राहकों को जोड़ना। पहले ये प्रोडक्ट सिर्फ फिटनेस से जुड़े लोगों तक सीमित थे, लेकिन अब कंपनियां आम ग्राहकों तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रही हैं।
घर पर तुरंत काम करने वाली सेवाओं का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। निवेशक इस सेक्टर में पैसा लगाने को तैयार हैं और कंपनियों की वैल्यूएशन तेजी से बढ़ रही है। लेकिन इस चमक के पीछे एक सच्चाई भी छिपी है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन कंपनियों का असली मुनाफा अभी पूरी तरह साबित नहीं हुआ है। यानी आगे चलकर यह सेक्टर चुनौती का सामना कर सकता है।
रिपोर्ट बताती है कि भारत में पुरुषों के ज्वेलरी बाजार में जबरदस्त उछाल आया है और 2025 में इसमें 25 से 30 प्रतिशत की ग्रोथ देखी गई है। लेकिन दूसरी तरफ खाने-पीने की चीजों की कीमतें बढ़ने की आशंका है। होटल अब महंगे ईंधन का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे बिरयानी जैसी आम डिश भी महंगी हो सकती है।
शराब सेक्टर भी दबाव में है। खाड़ी क्षेत्र में तनाव के कारण लागत बढ़ रही है और सप्लाई पर असर पड़ रहा है। कंपनियां अब कीमत बढ़ाने की मांग कर रही हैं। वहीं FMCG कंपनियां भी लागत के दबाव से जूझ रही हैं। कुछ कंपनियां कीमत बढ़ाने की तैयारी में हैं, तो कुछ प्रोडक्ट की मात्रा कम कर रही हैं।
फरवरी में रिटेल ग्रोथ घटकर 9 प्रतिशत पर आ गई है, जो इस सेक्टर में धीमापन दिखाती है। कंपनियां अब मुनाफा बचाने के लिए ट्रेड मार्जिन कम कर रही हैं। वहीं गर्मी के मौसम में जिन कंपनियों को ज्यादा बिक्री की उम्मीद थी, जैसे कोल्ड ड्रिंक और एसी बनाने वाली कंपनियां, उनके सामने मौसम भी चुनौती बन सकता है।
सरकार ने साफ कहा है कि रेस्टोरेंट्स ईंधन की बढ़ी कीमतों का बोझ सीधे ग्राहकों पर न डालें। दूसरी तरफ बीयर बनाने वाली कंपनियों ने कच्चे माल की कमी की चेतावनी दी है। ऑनलाइन फूड डिलीवरी में भी मुकाबला तेज हो गया है। जोमैटो और स्विगी दोनों ने प्लेटफॉर्म फीस बढ़ा दी है, जिससे ग्राहकों का खर्च बढ़ सकता है।
इस बीच कई कंपनियां अपने कारोबार को तेजी से बढ़ा रही हैं। बाटा 700 से ज्यादा फ्रेंचाइजी स्टोर तक पहुंच गया है। मैक्स फैशन अगले साल 40 से 50 नए स्टोर खोलने की योजना बना रहा है। नायका नए इंटरनेशनल ब्रांड ला रही है, तो लिशियस जैसे ब्रांड नए प्रोडक्ट्स लॉन्च कर रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार फरवरी में महंगाई दर बढ़कर 3.21 प्रतिशत हो गई है, जबकि बेरोजगारी दर थोड़ी घटकर 4.9 प्रतिशत पर आ गई है। वहीं फसल की बुवाई पिछले साल के मुकाबले कम रही है, जिससे आगे चलकर कीमतों पर असर पड़ सकता है।
सेंट्रम की रिपोर्ट एक बात साफ करती है कि कंज्यूमर सेक्टर में मौके भी हैं और जोखिम भी। कंपनियां ग्राहकों को जोड़ने के लिए नए तरीके अपना रही हैं, लेकिन महंगाई और बढ़ती लागत का दबाव अभी बना हुआ है। आने वाले समय में यही तय करेगा कि कौन सी कंपनी आगे निकलती है और कौन पीछे रह जाती है।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)