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IT Sector jobs: आईटी क्षेत्र में 20 से 25 फीसदी बढ़ेगी फ्रेशरों की भर्ती, विशेष कौशल पर कंपनियों का जोर

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एक्सेंचर, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और एचसीएल टेक जैसी कंपनियों के हालिया बयानों से भी इस रुझान का पता चलता है।

Last Updated- October 16, 2024 | 10:46 PM IST
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भारतीय आईटी सेवा कंपनियों द्वारा नियुक्तियों में कमी किए जाने के कारण फ्रेशरों की भर्ती में कमी आई थी, लेकिन अब उसमें सुधार दिखने के आसार हैं। वित्त वर्ष 2025 में आईटी क्षेत्र में फ्रेशरों की भर्ती 20 से 25 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है।

टीमलीज डिजिटल के एक विश्लेषण में ऐसा कहा है। विश्लेषण में यह भी कहा गया है कि वैश्विक दक्षता केंद्रों (जीसीसी) द्वारा फ्रेशरों की नियुक्तियों में भी पिछले साल के मुकाबले 40 फीसदी की वृद्धि दिख सकती है।

विश्लेषण में कहा गया है कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग (एमएल) और डेटा जैसे क्षेत्रों में विशेष कौशल पर ध्यान केंद्रित किए जाने से नियुक्तियों में तेजी आई है। टीमलीज ने यह भी कहा है कि विभिन्न अनुभव स्तरों पर नियुक्तियों में कंपनियां कौशल पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।

टीमलीज डिजिटल के विश्लेषण से पता चलता है कि एआई, एमएल और ऑटोमेशन जैसे कौशलों में वृद्धि के कारण डेटा से संबंधित पदों के लिए की मांग में जबरदस्त तेजी आई है। डेटा वैज्ञानिकों के लिए नौकरियों की मांग में वृद्धि में यह रुझान बिल्कुल स्पष्ट है, जहां करीब 69 फीसदी कंपनियों ने एमएल कौशल का जिक्र किया है।

नैचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (एनएलपी) में कौशल को भी काफी प्रमुखता दी जा रही है। इसकी मांग 2024 में 5 फीसदी से बढ़कर 2025 में 19 फीसदी हो गई। इससे उ‌द्योग में एआई से संचालित समाधान के साथ बदलाव का पता चलता है। इसके अलावा, पायथन प्रोग्रामिंग, एथिकल हैकिंग, एजाइल स्क्रम मास्टर, एडब्ल्यूएस सिक्योरिटी और जावास्क्रिप्ट जैसे कौशल की जरूरत बढ़ रही है। इससे तकनीकी क्षेत्र की भर्ती में तेजी का पता चलता है।

टीमलीज डिजिटल की सीईओ नीति शर्मा ने कहा, ‘प्रौद्योगिकी उद्योग तेजी से बदल रहा है। ऐसे में अग्रणी बने रहने के लिए कंपनियों को अपनी प्रतिभा रणनीतियों को तकनीकी प्रगति, खासकर एआई एवं क्लाउड कंप्यूटिंग में प्रगति के साथ जोड़ना होगा। कर्मचारियों में कौशल बढ़ाने संबंधी कार्यक्रमों में निवेश करना महज एक विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत बन गई है। इससे पेशेवरों को लगातार बदलते परिदृश्य में भी प्रतिस्पर्धी बने रहने की क्षमता मिलती है।’

एक्सेंचर, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और एचसीएल टेक जैसी कंपनियों के हालिया बयानों से भी इस रुझान का पता चलता है।

टीसीएस के मुख्य मानव संसाधन अधिकारी (सीएचआरओ) मिलिंद लक्कड़ ने वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी करने के बाद विश्लेषकों से बातचीत में कहा, ‘हमने मौजूदा प्रशिक्षु भर्ती कार्यक्रम को हर श्रेणी के लिए अलग-अलग पारिश्रमिक के साथ तैयार किया है। इस साल हमने उच्च कैडर प्रशिक्षुओं की भर्ती को दोगुना से भी अधिक कर दिया है।’

एचसीएल टेक ने भी घोषणा की है कि कैंपस से भर्ती के दौरान कंपनी कंपनी विशेषज्ञता पर ध्यान केंद्रित करेगी वित्त वर्ष 2026 के लिए भी यही रुझान होगा। इसके लिए कंपनी ने अपनी कैंपस भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। पिछले 12 महीनों के दौरान भी कंपनी का यही रुझान रहा है।

एचसीएल टेक के मुख्य मानव संसाधन अधिकारी रामचंद्रन सुंदरराजन ने कहा, ‘जब हम विशेष कौशल की बात करते हैं तो वह फ्रेशरों पर भी लागू होती है। अगर आप पिछले 12 महीनों के दौरान हुई भर्ती पर गौर करेंगे तो पाएंगे कि हमने विभिन्न पृष्ठभूमि के लोगों की भर्ती की है।’

विश्लेषण से यह भी पता चलता है कि मझोले स्तर और वरिष्ठ स्तर की नियुक्तियों में भी विशेष कौशल पर जोर दिया जा रहा है।

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First Published - October 16, 2024 | 10:46 PM IST

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