देश में पड़ रही भीषण गर्मी के कारण उपभोक्ताओं का ध्यान आइसक्रीम, छाछ और दही जैसे ठंडे उत्पादों की ओर बढ़ा है। इससे गर्मी के इस मौसम में मदर डेरी की बिक्री में तेजी आई है। राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड और मदर डेरी के चेयरमैन डॉ. मीनेश शाह ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘हमने आइसक्रीम, छाछ और दही वाले उत्पादों में 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि देखी है, जिनका गर्मी में सबसे अधिक उपभोग होता है। यह ऐसा रुझान है जिसे हमने पिछले तीन से चार वर्षों में, विशेष रूप से कोविड के बाद बढ़ते हुए देखा है।’
उन्होंने कहा, ‘अब लोगों की पसंद साफ तौर पर किसी ब्रांड और साफ-सुथरे उत्पाद की ओर है। इसलिए मदर डेयरी के दमदार और भरोसेमंद ब्रांड होने के नाते हमें ऐसी मांग मिली है। कई बार तो ऐसा भी होता है कि हम स्टॉक पूरा करने नहीं पाते, क्योंकि मांग बहुत ज्यादा होती है। गर्मियों का मौसम हमारे लिए सचमुच बहुत अच्छा रहता है। हमें उम्मीद है कि यह रुझान आगे भी रहेगा।’ इस डेयरी को-ऑपरेटिव का ध्यान स्वस्थ उत्पाद पेश करने पर रहेगा और उसकी पेशकश अधिक प्रोटीन तथा कम से लेकर चीनी के शून्य स्तर पर केंद्रित होगी, क्योंकि वह मौजूदा रुझान का लाभ उठाना चाहती है।
आगे किसी भी मूल्य वृद्धि की संभावना के बारे में शाह ने कहा कि इस को-ऑपरेटिव की निकट भविष्य में कीमतों में बढ़ोतरी की कोई योजना नहीं है। उसने हाल में मई से प्रति लीटर दूध की कीमत में 2 रुपये की वृद्धि की थी। शाह ने कहा, ‘दुर्भाग्य से मूल्य वृद्धि भू-राजनीतिक समस्याओं से चलती है, जिसके कारण हमारी अधिकांश पैकिंग सामग्री और कुछ कच्चे माल की इनपुट लागत में 30 से 35 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। लेकिन फिलहाल हम उन बढ़ोतरी को वहन कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि निकट भविष्य में स्थिति इसी पर बनी रहेगी।’
मदर डेरी ने मंगलवार को मिट्टी में प्राकृतिक रूप से विघटित होने वाली दूध की थैली पेश की। कंपनी विश्व पर्यावरण दिवस यानी 5 जून से दिल्ली-एनसीआर में अपने काऊ मिल्क संस्करण के जरिये पैकेजिंग का यह नवाचार पेश करेगी। इसमें नए पैक डिजाइन भी शामिल होंगे।