पीरामल फार्मा को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 27 में उसकी वृद्धि बहाल हो जाएगी। उसके राजस्व में 13 से 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ-साथ लाभ में भी तेजी से सुधार होगा। कंपनी की कार्यकारी वाइस चेयरपर्सन नंदिनी पीरामल ने यह जानकारी दी।
कंपनी को वित्त वर्ष 26 में मुश्किलों का सामना करना पड़ा जिनका कारण व्यापक अर्थव्यवस्था की चुनौतियां थीं। इससे उसका समेकित राजस्व 3 प्रतिशत घटकर 8,869 करोड़ रह गया और एबिटा में 28 प्रतिशत गिर गया। अनुबंध के आधार पर दवा बनाने वाली कंपनियों (सीडीएमओ) का कारोबार कम मांग और परिचालन में सुस्ती के बीच स्टॉक निपटाए जाने से प्रभावित हुआ। परिणामस्वरूप साल के दौरान कारोबार में 10 प्रतिशत की गिरावट आई।
क्षतिपूर्ति शुल्क से लाभ पर और असर पड़ा, जिससे कंपनी शुद्ध नुकसान में चली गई। हालांकि पीरामल ने संकेत दिया है कि दूसरी छमाही में कारोबारी रफ्तार में काफी सुधार हुआ है। इसे वैश्विक स्तर पर बायोटेक फंडिंग में लगभग 80 प्रतिशत की तेज उछाल से मदद मिली है। इससे रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) गतिविधियां बढ़ीं और ऑर्डर मिलने में मजबूती आई। हालांकि वित्त वर्ष 26 के दौरान सीडीएमओ श्रेणी में 10 प्रतिशत की गिरावट देखी गई, लेकिन कंपनी को उम्मीद है कि उसके सभी कारोबारों में वृद्धि फिर से शुरू हो जाएगी। भले ही जिन उत्पादों का बड़े स्तर पर निपटान किया गया, उनकी जल्द वापसी की उम्मीद न हो।
पीरामल ने कहा, ‘हम दमदार रफ्तार के साथ वित्त वर्ष 26 खत्म कर रहे हैं।’ उन्होंने यह भी कहा कि ज्यादा विविधता वाली ऑर्डर बुक और विकास की बेहतर पाइपलाइन से वृद्धि को मदद मिलनी चाहिए।