प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
बेंगलूरु की स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी (हेल्थ-टेक) कंपनी प्रैक्टो ने पिछले एक साल में बेहद खामोशी से अपनी नेतृत्व टीम में बदलाव किया है। इस दौरान उसने कई वरिष्ठ लोगों की नियुक्तियां की हैं क्योंकि कंपनी अपनी वृद्धि के अगले दौर में प्रवेश कर रही है और साल के अंत तक उसकी आईपीओ लाने की योजना है।
प्रैक्टो की स्थापना वर्ष 2008 में शशांक एनडी, अभिनव लाल और सिद्धार्थ निहलानी ने की थी। कंपनी में फरवरी 2025 से लेकर अब तक परिचालन, रणनीति, मार्केटिंग, एआई, उत्पाद, प्रौद्योगिकी और कॉरपोरेट विकास के क्षेत्रों में पांच वरिष्ठ लोगों की नियुक्ति की गई है। इन नियुक्तियों में जगनूर सिंह को वैश्विक मुख्य परिचालन अधिकारी, शौम्यान बिस्वास को वैश्विक मुख्य विपणन और रणनीतिक अधिकारी, सोनम चोपड़ा को कॉरपोरेट डेवलपमेंट प्रमुख, सीजो जॉर्ज को एआई के उपाध्यक्ष और श्रीजेश को मुख्य उत्पाद और प्रौद्योगिकी अधिकारी के रूप में शामिल किया गया है। इनमें से दो इस साल फरवरी में प्रैक्टो से जुड़े।
एक जानकार व्यक्ति ने कहा, ‘यह सामान्य भर्ती नहीं है। जब आप किसी ऐसी कंपनी को देखते हैं जो ओयो से सीओओ, फ्लिपकार्ट से सीएमओ, टाटा डिजिटल से एक कॉरपोरेट विकास प्रमुख और एक सीपीटीओ को लेकर आती है और जिनकी नियुक्ति एक साल के भीतर होती है तो इसका मतलब है कि कंपनी अपनी अगली यात्रा के लिए संस्थागत ताकत पर काम कर रही है।’ हालांकि प्रैक्टो से जब इन रणनीतियों के बारे में पूछा गया तो उसने टिप्पणी से इनकार कर दिया।
प्रबंधन टीम के विस्तार के साथ-साथ निदेशक मंडल के स्तर पर भी बदलाव किए गए हैं। पिछले महीने पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव सी के मिश्र को स्वतंत्र निदेशक के रूप में शामिल किया गया है जो 37 वर्षों तक सार्वजनिक सेवा में रहे हैं। इन नई नियुक्तियों के जरिये देश की कुछ प्रमुख उपभोक्ता और तकनीकी कंपनियों का अनुभव भी जुड़ेगा जो प्रैक्टो के स्वास्थ्य सेवा बाजार से एक पूर्ण उपभोक्ता हेल्थकेयर ब्रांड में बदलने के इरादे को दर्शाता है।