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बैजू रवींद्रन को बड़ी राहत, सिंगापुर कोर्ट ने अवमानना आदेश और सरेंडर पर रोक लगाई

यह रोक 10 जून को लगाई गई। इसके चलते रवींद्रन को समर्पण करने की जरूरत नहीं है और जेल की सजा भी प्रभावी नहीं होगी

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पीरज़ादा अबरार   
Last Updated- June 13, 2026 | 11:17 AM IST

बैजूस के संस्थापक बैजू रवींद्रन को एक बड़ी राहत मिली है। सिंगापुर उच्च न्यायालय के जनरल डिविजन ने रवींद्रन की अर्जी पर बीती 25 मई के दीवानी अवमानना आदेश के तहत सरेंडर करने और जेल भेजने के प्रावधानों पर रोक लगा दी है। यह रोक 10 जून को लगाई गई। इसके चलते रवींद्रन को समर्पण करने की जरूरत नहीं है और जेल की सजा भी प्रभावी नहीं होगी। अवमानना के इस फैसले के खिलाफ अपील भी दायर की गई है।

25 मई 2026 के मूल आदेश के बाद रवींद्रन की कानूनी टीम ने कहा कि मीडिया के कुछ हलकों ने इस मामले की रिपोर्टिंग ऐसे की, जैसे रवींद्रन के खिलाफ गिरफ्तारी वॉरंट जारी किया गया हो। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्टिंग गलत थी। आदेश के अनुसार रवींद्रन को केवल 15 जून 2026 को पेश होना था। किसी भी अदालत ने कभी भी रवींद्रन के खिलाफ कोई गिरफ्तारी वॉरंट जारी नहीं किया था।

अपील के तहत आदेश दीवानी अवमानना को लेकर है। यह मामला पूरी तरह से चल रही मध्यस्थता कार्यवाही में दस्तावेजों का खुलासा करने और अन्य देनदारियों के विवाद से जुड़ा है (साथ ही, उन मध्यस्थता आदेशों को मान्यता देने वाले सिंगापुर अदालत के आदेशों से भी)। इन आदेशों पर विवाद है और उन्हें रद्द कराने के लिए कार्यवाही चल रही है।

बैजू रवींद्रन और संस्थापकों के सीनियर लिटिगेशन एडवाइजर लेजारेफ ली बार्स के जे. माइकल मैकनट) ने कहा, सिंगापुर कोर्ट के पिछले आदेश की चुनिंदा जानकारी लीक होने के बाद एक बिल्कुल गलत बात फैलाई गई कि रवींद्रन के खिलाफ गिरफ्तारी वॉरंट जारी किया गया है। थिंक एंड लर्न (बैजूस की मूल कंपनी) के फायदे के लिए रवींद्रन की गारंटी पर दिए गए लोन से जुड़े एक आम अनुबंध विवाद को गिरफ्तारी वॉरंट की गलत कहानी में बदल दिया गया है।

हमने दीवानी अवमानना के इस फैसले को रद्द कराने के लिए जरूरी अपील दायर की है और कोर्ट में आगे की कार्रवाई कर रहे हैं। इस मामले में बैजू रवींद्रन के खिलाफ कोई आपराधिक आरोप नहीं है। यह फैसला मूल विवाद के तथ्यों पर आधारित नहीं है और निश्चित रूप से यह धोखाधड़ी, बेईमानी, फंड के गलत इस्तेमाल या व्यक्तिगत तौर पर गलत काम को लेकर फैसला नहीं है।

First Published : June 13, 2026 | 11:06 AM IST