facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

बैजू रवींद्रन को बड़ी राहत, सिंगापुर कोर्ट ने अवमानना आदेश और सरेंडर पर रोक लगाई

Advertisement

यह रोक 10 जून को लगाई गई। इसके चलते रवींद्रन को समर्पण करने की जरूरत नहीं है और जेल की सजा भी प्रभावी नहीं होगी

Last Updated- June 13, 2026 | 11:17 AM IST
Byjus Raveendran
बैजूस के संस्थापक बैजू रवींद्रन

बैजूस के संस्थापक बैजू रवींद्रन को एक बड़ी राहत मिली है। सिंगापुर उच्च न्यायालय के जनरल डिविजन ने रवींद्रन की अर्जी पर बीती 25 मई के दीवानी अवमानना आदेश के तहत सरेंडर करने और जेल भेजने के प्रावधानों पर रोक लगा दी है। यह रोक 10 जून को लगाई गई। इसके चलते रवींद्रन को समर्पण करने की जरूरत नहीं है और जेल की सजा भी प्रभावी नहीं होगी। अवमानना के इस फैसले के खिलाफ अपील भी दायर की गई है।

25 मई 2026 के मूल आदेश के बाद रवींद्रन की कानूनी टीम ने कहा कि मीडिया के कुछ हलकों ने इस मामले की रिपोर्टिंग ऐसे की, जैसे रवींद्रन के खिलाफ गिरफ्तारी वॉरंट जारी किया गया हो। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्टिंग गलत थी। आदेश के अनुसार रवींद्रन को केवल 15 जून 2026 को पेश होना था। किसी भी अदालत ने कभी भी रवींद्रन के खिलाफ कोई गिरफ्तारी वॉरंट जारी नहीं किया था।

अपील के तहत आदेश दीवानी अवमानना को लेकर है। यह मामला पूरी तरह से चल रही मध्यस्थता कार्यवाही में दस्तावेजों का खुलासा करने और अन्य देनदारियों के विवाद से जुड़ा है (साथ ही, उन मध्यस्थता आदेशों को मान्यता देने वाले सिंगापुर अदालत के आदेशों से भी)। इन आदेशों पर विवाद है और उन्हें रद्द कराने के लिए कार्यवाही चल रही है।

बैजू रवींद्रन और संस्थापकों के सीनियर लिटिगेशन एडवाइजर लेजारेफ ली बार्स के जे. माइकल मैकनट) ने कहा, सिंगापुर कोर्ट के पिछले आदेश की चुनिंदा जानकारी लीक होने के बाद एक बिल्कुल गलत बात फैलाई गई कि रवींद्रन के खिलाफ गिरफ्तारी वॉरंट जारी किया गया है। थिंक एंड लर्न (बैजूस की मूल कंपनी) के फायदे के लिए रवींद्रन की गारंटी पर दिए गए लोन से जुड़े एक आम अनुबंध विवाद को गिरफ्तारी वॉरंट की गलत कहानी में बदल दिया गया है।

हमने दीवानी अवमानना के इस फैसले को रद्द कराने के लिए जरूरी अपील दायर की है और कोर्ट में आगे की कार्रवाई कर रहे हैं। इस मामले में बैजू रवींद्रन के खिलाफ कोई आपराधिक आरोप नहीं है। यह फैसला मूल विवाद के तथ्यों पर आधारित नहीं है और निश्चित रूप से यह धोखाधड़ी, बेईमानी, फंड के गलत इस्तेमाल या व्यक्तिगत तौर पर गलत काम को लेकर फैसला नहीं है।

Advertisement
First Published - June 13, 2026 | 11:06 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement