टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन
टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने सोमवार को कहा कि टाटा समूह अपने कर्मचारियों द्वारा किसी भी तरह की जोर-जबरदस्ती या दुर्व्यवहार को कतई बरदाश्त नहीं करती है। यह बात टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के नाशिक कार्यालय में यौन उत्पीड़न के एक गंभीर आरोप के बाद कही गई है।
उन्होंने कहा, ‘टाटा ग्रुप अपने कर्मचारियों द्वारा किसी भी तरह की जोर-जबरदस्ती या दुर्व्यवहार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाता है। तथ्यों का पता लगाने और इस स्थिति के लिए जिम्मेदार सभी लोगों की पहचान करने के लिए पूरी जांच चल रही है।’
उन्होंने टीसीएस नाशिक में लगे आरोपों को ‘बेहद चिंताजनक और दुखद’ बताया। चंद्रशेखरन ने बयान में कहा कि टीसीएस की मुख्य परिचालन अधिकारी आरती सुब्रमण्यम इस जांच का नेतृत्व करेंगी।
उन्होंने बयान में कहा, ‘दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ उचित और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी जरूरी प्रक्रिया में सुधार या सुधारात्मक उपायों को तुरंत लागू किया जाएगा तथा सख्ती से पालन करवाया जाएगा।’ उन्होंने कहा, ‘इस घटना को पूरी गंभीरता से लिया जा रहा है। आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई पहले ही शुरू की जा चुकी है और कंपनी चल रही जांच में पूरा सहयोग दे रही है।’
कंपनी ने इस घटना के आरोपी सभी कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। खबरों के अनुसार नाशिक कार्यालय में एचआर मैनेजर सहित सात कर्मचारियों को यौन उत्पीड़न के आरोपों में गिरफ्तार किया गया है।
पिछले हफ्ते पुलिस ने शिकायतों की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। देश की सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी में आठ महिला कर्मचारियों द्वारा यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप लगाए गए हैं।