कंपनियां

Tata Motors Q4 Results: मुनाफा 31% गिरा, राजस्व में बढ़त; JLR का दबाव भारी

Tata Motors PV Q4 FY26 results: टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स का Q4 FY26 में मुनाफा 31% घटकर ₹5,878 करोड़ रह गया, जबकि राजस्व में बढ़ोतरी हुई।

Published by
सोहिनी दास   
Last Updated- May 14, 2026 | 6:54 PM IST

टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड (TMPVL) ने मार्च तिमाही में साल-दर-साल आधार पर 7.2 प्रतिशत की वृद्धि के साथ ₹1,05,447 करोड़ का समेकित राजस्व दर्ज किया है। हालांकि, कंपनी के शेयरधारकों को होने वाला लाभ 31.7 प्रतिशत घटकर ₹5,783 करोड़ रह गया।

वित्त वर्ष 2026 के लिए कंपनी का समेकित राजस्व 8.3 प्रतिशत घटकर ₹3,35,582 करोड़ रहा। वहीं, असाधारण मदों से पहले कर पूर्व लाभ (PBT) घटकर ₹2,519 करोड़ पर आ गया, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में ₹28,650 करोड़ था।

कंपनी ने बताया कि लाभप्रदता पर कई चुनौतियों का असर पड़ा है, जिनमें जगुआर लैंड रोवर (JLR) से जुड़ी समस्याएं प्रमुख रहीं। इनमें साइबर घटना, टैरिफ का प्रभाव, चीन में लगने वाला लग्जरी टैक्स, वेरिएबल मार्केटिंग खर्च (VME) में बढ़ोतरी और कमोडिटी लागत में उतार-चढ़ाव शामिल हैं।

Q4 FY26 में कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA 13,851 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल इसी अवधि के 14,155 करोड़ रुपये की तुलना में कम है। इसी तरह EBIT भी घटकर 8,901 करोड़ रुपये रह गया, जो एक साल पहले 9,490 करोड़ रुपये था। इस दौरान EBITDA मार्जिन भी घटकर 13.1 प्रतिशत पर आ गया, जबकि पिछले वर्ष यह 14.4 प्रतिशत था।

JLR के तिमाही प्रदर्शन की बात करें तो इसका रेवेन्यू 11.1 प्रतिशत सालाना आधार पर घटकर 6.9 बिलियन पाउंड रह गया। कंपनी का EBIT मार्जिन 9.2 प्रतिशत दर्ज किया गया। इस गिरावट का कारण अमेरिकी टैरिफ में बढ़ोतरी, चीन में कमजोर मांग और नई Jaguar कार के लॉन्च से पहले पुराने मॉडल्स का चरणबद्ध तरीके से उत्पादन बंद किया जाना बताया गया।

पूरे वित्त वर्ष 2026 में JLR का रेवेन्यू 20.9 प्रतिशत घटकर 22.9 बिलियन पाउंड पर आ गया। हालांकि मार्च तिमाही में उत्पादन सामान्य होने के बाद वॉल्यूम में तिमाही आधार पर सुधार देखा गया, जो साइबर घटना के बाद आए व्यवधान के चलते प्रभावित हुआ था। कंपनी ने तिमाही में 829 मिलियन पाउंड का फ्री कैश फ्लो दर्ज किया, जबकि पूरे साल के लिए यह 2.2 बिलियन पाउंड नेगेटिव रहा।

वित्त वर्ष के अंत में JLR के पास 2.8 बिलियन पाउंड की नकद राशि और कुल 6.9 बिलियन पाउंड की लिक्विडिटी उपलब्ध थी।

जेएलआर (Jaguar Land Rover) ने कहा है कि कंपनी ने एक चुनौतीपूर्ण वर्ष का सामना किया, जिसमें साइबर घटना समेत कई दबावों के कारण राजस्व और मुनाफे पर असर पड़ा। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीबी बालाजी ने बताया कि चौथी तिमाही में उत्पादन सामान्य स्तर पर लौटने के बाद स्थिति में सुधार देखने को मिला और प्रदर्शन बेहतर रहा।

उन्होंने कहा कि कंपनी अब ब्रेक-ईवन वॉल्यूम को कम करने और नए उत्पादों की लॉन्चिंग पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इसमें रेंज रोवर इलेक्ट्रिक, रेंज रोवर स्पोर्ट इलेक्ट्रिक, EMA आधारित नए प्रोडक्ट्स और वित्त वर्ष 2027 में नई जगुआर लाइनअप शामिल हैं।

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह अपने पांच साल के 18 अरब पाउंड के निवेश योजना के प्रति प्रतिबद्ध है, जो वित्त वर्ष 2024 से शुरू हुई थी। हालांकि, बाजार परिस्थितियों के अनुसार निवेश को लेकर कुछ पुनः प्राथमिकता दी जा सकती है, खासकर अमेरिका जैसे बाजारों में, जहां आईसीई (इंटरनल कम्बशन इंजन) पावरट्रेन को लंबे समय तक बनाए रखने की आवश्यकता हो सकती है। इसके बावजूद, कंपनी की ऑल-इलेक्ट्रिक जगुआर रणनीति में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

टाटा पैसेंजर व्हीकल्स बिजनेस में मजबूत प्रदर्शन

टाटा मोटर्स के पैसेंजर व्हीकल (PV) बिजनेस ने इस दौरान मजबूत वृद्धि दर्ज की है। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में इसका राजस्व 49.4 प्रतिशत सालाना आधार पर बढ़कर 18,742 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं पूरे वित्त वर्ष 2026 में राजस्व 20.7 प्रतिशत बढ़कर 58,465 करोड़ रुपये रहा।

कंपनी ने बताया कि चौथी तिमाही में EBITDA मार्जिन 150 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 9.4 प्रतिशत हो गया। यह सुधार बढ़ी हुई बिक्री मात्रा, बेहतर उत्पाद मिश्रण, संरचनात्मक लागत में कमी की पहल और पीएलआई योजना के लाभों के कारण संभव हुआ, हालांकि बाजार में मूल्य निर्धारण और कमोडिटी लागत का दबाव बना रहा।

बिक्री और उत्पादन में तेजी

कंपनी के अनुसार चौथी तिमाही में PV और EV की कुल बिक्री 37 प्रतिशत बढ़कर 201,800 यूनिट्स तक पहुंच गई। यह वृद्धि बेहतर उत्पाद मिश्रण और परिचालन लाभ (operating leverage) के कारण दर्ज की गई।

वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का वैकल्पिक पावरट्रेन मिश्रण भी मजबूत रहा। इस दौरान इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 14 प्रतिशत और सीएनजी की हिस्सेदारी 27 प्रतिशत रही। कंपनी ने यह भी बताया कि नया पनापक्कम मैन्युफैक्चरिंग प्लांट भविष्य में उसकी दीर्घकालिक विकास योजनाओं को मजबूती देगा।

टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड (TMPVL) ने वित्त वर्ष 2026 में अब तक की सबसे ज्यादा वार्षिक बिक्री दर्ज की है। कंपनी ने कुल 6.4 लाख से अधिक यूनिट्स की बिक्री की, जो सालाना आधार पर 15 प्रतिशत की वृद्धि है। यह वृद्धि पूरे ऑटो इंडस्ट्री की औसत ग्रोथ से लगभग दोगुनी बताई जा रही है।

कंपनी के अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की थोक बिक्री वित्त वर्ष 2026 में 92,000 यूनिट्स के पार पहुंच गई, जो पिछले साल की तुलना में 43 प्रतिशत अधिक है। इसके साथ ही टाटा मोटर्स ने लगातार सातवें वर्ष EV बाजार में अपनी लीडरशिप बनाए रखी है, जहां उसकी बाजार हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत रही। वहीं, CNG वाहनों की बिक्री भी 1.7 लाख यूनिट्स से अधिक रही।

टाटा मोटर्स ने यह भी बताया कि उसका अंतरराष्ट्रीय कारोबार चार गुना बढ़ा है, जिसमें दक्षिण अफ्रीका बाजार में रणनीतिक वापसी का बड़ा योगदान रहा है। कंपनी ने कहा कि यह वृद्धि वैश्विक स्तर पर उसके विस्तार की मजबूत रणनीति को दर्शाती है।

FY27 को लेकर मजबूत लेकिन सतर्क रुख

वित्त वर्ष 2027 के आउटलुक पर टिप्पणी करते हुए TMPVL के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO शैलेश चंद्र ने कहा कि अप्रैल और मई में मांग की गति बनी हुई है। कंपनी को उम्मीद है कि आने वाले समय में भी यह रफ्तार जारी रहेगी और वह इंडस्ट्री से बेहतर ग्रोथ दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि ऑटो सेक्टर में लगभग 10 प्रतिशत की सालाना ग्रोथ का अनुमान है, हालांकि वैश्विक परिस्थितियां और भू-राजनीतिक घटनाक्रम इसके लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि स्टील, कॉपर, एल्युमिनियम, रबर और पेट्रोलियम आधारित कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव कंपनी की लागत पर असर डाल सकता है।

वैश्विक संकट से EV की मांग में बढ़ोतरी

कंपनी के अनुसार, मध्य पूर्व में चल रहे संकट के बाद इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में और तेजी आई है। ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी और तेल पर निर्भरता को लेकर चिंताओं के चलते EV की पूछताछ और बुकिंग में लगभग 25 से 30 प्रतिशत तक की अतिरिक्त बढ़ोतरी देखी गई है।

लागत बढ़ने से मार्जिन पर दबाव

मैनेजमेंट ने यह भी स्वीकार किया कि पिछले 9 से 12 महीनों में कमोडिटी की कीमतों में लगभग 5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिससे लागत पर दबाव बढ़ा है। इस प्रभाव को कम करने के लिए कंपनी लागत कटौती पर ध्यान दे रही है, प्रोडक्ट मिक्स को बेहतर बना रही है और जरूरत पड़ने पर सीमित मूल्य वृद्धि (price hike) पर भी विचार कर रही है, ताकि ग्राहकों पर ज्यादा बोझ न पड़े।

मल्टी-पावरट्रेन रणनीति पर फोकस

टाटा मोटर्स ने अपनी मल्टी-पावरट्रेन रणनीति को जारी रखने की बात कही है। कंपनी का कहना है कि फिलहाल भारत में हाइब्रिड वाहनों को लॉन्च करने की कोई तत्काल आवश्यकता नहीं है, हालांकि यह तकनीक उनके पास पहले से उपलब्ध है और जरूरत पड़ने पर इसे जल्दी बाजार में उतारा जा सकता है।

कंपनी ने यह भी बताया कि इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और CNG मिलकर अब उसके कुल वॉल्यूम का लगभग 43 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं, जो साफ ऊर्जा वाहनों की ओर बढ़ते रुझान को दर्शाता है।

First Published : May 14, 2026 | 6:21 PM IST