प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
टाटा स्टील ने शुक्रवार को बताया कि वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में उसका समेकित शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 124.9 प्रतिशत बढ़कर लगभग 2,925.74 करोड़ रुपये हो गया। इसकी मुख्य वजह भारत में ज्यादा बिक्री और बेहतर उत्पाद मिश्रण के साथ-साथ सभी क्षेत्रों में लागत कम करने की चरणबद्ध कोशिशें रहीं। पिछले साल इसी अवधि में, कंपनी का शुद्ध लाभ लगभग 1,300.81 करोड़ रुपये था।
चौथी तिमाही में, समेकित आधार पर परिचालन से राजस्व लगभग 63,270 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की मार्च तिमाही की तुलना में 12.5 प्रतिशत ज्यादा है। कंपनी शुद्ध लाभ के मामले में ब्लूमबर्ग के अनुमान की तुलना में पीछे रह गई। राजस्व का अनुमान लगभग 62,345 करोड़ रुपये था। तिमाही आधार पर राजस्व लगभग 57,002.40 करोड़ रुपये रहा, जो 11 प्रतिशत ज्यादा है। शुद्ध लाभ करीब 2,688.70 करोड़ रुपये रहा, जो 8.8 प्रतिशत अधिक है।
टाटा स्टील के मुख्य कार्याधिकारी और प्रबंध निदेशक टी वी नरेंद्रन ने बताया कि वित्त वर्ष 2026 में भू-आर्थिक अनिश्चितता काफी ज्यादा रही। आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं के साथ-साथ टैरिफ से जुड़ी व्यापारिक दिकक्तों ने भी वैश्विक इस्पात बाजारों को प्रभावित किया।
आईटीसी होटल्स का एकीकृत शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 26 की जनवरी-मार्च तिमाही में 23.1 प्रतिशत बढ़कर 317.43 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने वित्त वर्ष 25 की समान तिमाही में 257.85 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था।
आईटीसी होटल्स ने शुक्रवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि समीक्षाधीन तिमाही में उसकी परिचालन आय बढ़कर 1,253.70 करोड़ रुपये हो गई, जो 2024-25 की समान तिमाही में 1,060.62 करोड़ रुपये थी। हालांकि, इस तिमाही में कंपनी का कुल खर्च भी बढ़कर 895.35 करोड़ रुपये हो गया, जो 2024-25 की समान तिमाही में 749.81 करोड़ रुपये था।
आईटीसी होटल्स के निदेशक मंडल ने जूरी होटल्स ऐंड रिसॉर्ट्स में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए शेयर खरीद समझौते को भी मंजूरी दे दी है। जूरी होटल्स ऐंड रिसॉर्ट्स केरल में‘द जूरी किंगमेकर्स, केरला रिजॉर्ट ऐंड स्पा’ का स्वामित्व और संचालन करती है। कंपनी के निदेशक मंडल ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त वित्त वर्ष के लिए प्रति शेयर 1 रुपये के लाभांश की भी सिफारिश की है।
फुजियामा पावर सिस्टम्स का जनवरी-मार्च तिमाही में शुद्ध लाभ दोगुने से अधिक होकर 106.3 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी का पिछले वर्ष की समान तिमाही में शुद्ध लाभ 51.2 करोड़ रुपये था।
फुजियामा पावर सिस्टम्स ने शुक्रवार को बयान में बताया कि समीक्षाधीन तिमाही में परिचालन आय बढ़कर 900.8 करोड़ रुपये हो गई जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 480.3 करोड़ रुपये थी। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ बढ़कर 304.1 करोड़ रुपये हो गया जो 2024-25 के 156.3 करोड़ रुपये से अधिक है।
पटेल इंजीनियरिंग का वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ दोगुने से अधिक होकर 71.49 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने 2024-25 की चौथी (जनवरी–मार्च) तिमाही में 32.80 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था। पटेल इंजीनियरिंग ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी का खर्च 1,498.3 करोड़ रुपये से घटकर 1,311.3 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि, कुल आय भी सालाना आधार पर 1,637 करोड़ रुपये से कम होकर 1,456 करोड़ रुपये रह गई।
कंपनी ने अलग बयान में कहा कि समूचे वित्त वर्ष 2025-26 में उसका शुद्ध लाभ 21.60 प्रतिशत बढ़कर 294.50 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 242.17 करोड़ रुपये था। कुल आय 5,259.6 करोड़ रुपये से बढ़कर 5,268.5 करोड़ रुपये हो गई।
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एसजेवीएन का एकीकृत घाटा कम होकर 117.84 करोड़ रुपये रहा। मुख्य रूप से आय बढ़ने से घाटा कम हुआ है। कंपनी ने शुक्रवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि पिछले साल इसी अवधि में उसे 127.72 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। इस तिमाही के दौरान, कुल आय लगभग तीन गुना होकर 1,548.46 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल 548.84 करोड़ रुपये थी।
कंपनी के निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रति इक्विटी शेयर 35 पैसे के अंतिम लाभांश की भी सिफारिश की है। एसजेवीएन में भारत सरकार की 55 प्रतिशत और हिमाचल प्रदेश सरकार की 26.85 प्रतिशत हिस्सेदारी है। बाकी 18.15 प्रतिशत हिस्सेदारी लोगों के पास है।