बेंचमार्क सूचकांकों ने तीन महीने तक लगातार गिरावट के बाद बढ़त का पैटर्न दोहराया है। जुलाई में निफ्टी 8.7 फीसदी चढ़ा जबकि इससे पिछले तीन महीने में इसने लगातार नुकसान दर्ज किया। पिछली बार लगातार तीन महीने तक गिरावट जनवरी-मार्च 2020 में देखने को मिली थी जब कोविड महामारी व लॉकडाउन को लेकर अनिश्चितता से […]
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वैश्विक मंदी के भय और अमेरिका में लगातार दो तिमाहियों तक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में गिरावट से भारत का निर्यात प्रभावित हो सकता है। हालांकि घरेलू मांग से अर्थव्यवस्था को मदद मिल सकती है और दबाव कम हो सकता है। बैंक आफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा कि अमेरिका में मंदी […]
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विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक 2021 में आयात संबंधी प्रतिबंध लगाए जाने को लेकर की गई शिकायतों में एक तिहाई मामले भारत से जुड़े हुए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘2021 में काउंसिल फार ट्रेड इन गुड्स में डब्ल्यूटीओ के सदस्यों ने व्यापार संबंधी 20 नई चिंता जताई है, जो […]
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डॉलर के मुकाबले रुपये में शुक्रवार को मजबूती आई। 20 अक्टूबर, 2021 के बाद से इसमें सबसे बड़ी एक दिवस बढ़त दर्ज हुई, क्योंकि अमेरिका के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के कमजोर आंकड़ों की वजह से इस अनुमान को बल मिला कि फेडरल रिजर्व ने अपनी दर बढ़ोतरी की रफ्तार को धीमा करेगा। रुपया प्रति […]
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अगले सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में नीतिगत दर में 50 आधार अंकों की वृद्धि की उम्मीद की जा रही है, ऐसे में तेज प्रतिस्पर्धा के बीच जमा आकर्षित करने के लिए बैंक एक बार फिर जमा दरों में बढ़ोतरी करने की संभावना तलाश रहे हैं। बैंकरों ने […]
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बैंकों से कर्ज लिए जाने में जून महीने में भी तेजी जारी रही। विभिन्न क्षेत्रों में पिछले साल की तुलना में वृद्धि दर 9.5 से 18.5 प्रतिशत के बीच रही है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों से पता चलता है कि उद्योगों को दिए जाने वाले कर्ज में जून महीने में 9.5 प्रतिशत वृद्धि […]
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भारत के 8 बुनियादी ढांचा क्षेत्रों की वृद्धि दर लगातार दूसरे महीने जून में 2 अंकों में बनी हुई है, भले ही क्रमिक रूप से विकास गड़बड़ा गया है। उद्योग विभाग की ओर से शुक्रवार को जारी आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले साल की समान अवधि की तुलना में जून में प्रमुख क्षेत्र […]
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भारत जैसे बड़े और उभरते बाजार वाले देश के लिए मुद्रा प्रबंधन एक पेचीदा काम है क्योंकि यहां चालू खाते का घाटा (सीएडी) निरंतर बना रहता है। चूंकि भारत शेष विश्व से बड़े पैमाने पर पूंजी जुटाता है इसलिए वैश्विक वित्तीय परिस्थितियों में अचानक बदलाव काफी अस्थिरता पैदा करने वाला हो सकता है। ऐसे में […]
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तकरीबन तीन वर्ष पहले मोदी सरकार ने कॉर्पोरेशन कर का नया ढांचा पेश किया था। शुक्रवार 20 सितंबर, 2019 को यानी कोविड महामारी से स्वास्थ्य व्यवस्था और अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होने के कुछ माह पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कॉर्पोरेशन कर दरों में भारी कटौती की घोषणा की थी ताकि अर्थव्यवस्था में नजर […]
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महामारी के दौरान, उसके बाद के सुधार तथा उसके पश्चात के दौर में यानी 2020 से लेकर 2022 तक तथा अगर 2023 के परिदृश्य को भी ध्यान में रखा जाए तो किस अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा है? अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) द्वारा वैश्विक आर्थिक दृष्टिकोण को लेकर प्रस्तुत ताजा तिमाही आंकड़ों पर नजर […]
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