वित्त-बीमा

भारतीय ग्राहकों ने बैंकों को दिया साफ संदेश, तेज ऐप और बेहतर डिजिटल सपोर्ट अब सबसे बड़ी जरूरत

भारत में मोबाइल बैंकिंग का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। युवा और नौकरीपेशा ग्राहक मोबाइल ऐप के जरिए ज्यादातर बैंकिंग काम कर रहे हैं

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- May 20, 2026 | 2:38 PM IST

भारत में बैंकिंग अब सिर्फ पैसे जमा करने या निकालने तक सीमित नहीं रह गई है। ग्राहक अब चाहते हैं कि बैंकिंग उतनी ही आसान और तेज हो, जितनी किसी ऑनलाइन शॉपिंग ऐप का इस्तेमाल करना। लोग चाहते हैं कि बैंक का ऐप बिना रुके चले, वेबसाइट पर हर जानकारी आसानी से मिले और जरूरत पड़ने पर चैटबॉट तुरंत सही जवाब दे। लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में ग्राहकों को लगता है कि बैंकों की डिजिटल सेवाओं में काफी सुधार की जरूरत है।

इसी वजह से अब बैंकों के बीच मुकाबला सिर्फ ब्याज दरों या ऑफर्स का नहीं, बल्कि बेहतर ग्राहक अनुभव देने का हो गया है। EY इंडिया की नई रिपोर्ट के मुताबिक, देश के 55% बैंकिंग ग्राहक चाहते हैं कि बैंक अपने ऐप, वेबसाइट और चैटबॉट जैसी डिजिटल सेवाओं को और बेहतर बनाएं। रिपोर्ट के लिए 2,030 बैंकिंग ग्राहकों पर सर्वे किया गया। इसमें पता चला कि करीब 70% ग्राहकों को लगता है कि उनके बैंक उनकी वित्तीय जरूरतों को समझते हैं, लेकिन सेवा की रफ्तार और साफ जानकारी देने में अभी भी कमी है।

मोबाइल बैंकिंग बढ़ी, लेकिन चैटबॉट पर भरोसा कम

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में मोबाइल बैंकिंग का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। युवा और नौकरीपेशा ग्राहक मोबाइल ऐप के जरिए ज्यादातर बैंकिंग काम कर रहे हैं। हालांकि, चैटबॉट्स का इस्तेमाल अभी भी कम है और लोग उन पर ज्यादा भरोसा नहीं करते। रिपोर्ट में कहा गया है कि बैंकों के पास मौका है कि वे AI आधारित चैटबॉट्स को ज्यादा समझदार और इंसानों जैसा बनाएं ताकि ग्राहक आसानी से अपनी समस्या का समाधान पा सकें।

AI वाली बैंकिंग सेवाओं की मांग बढ़ी

युवा ग्राहकों और कारोबारियों में AI आधारित बैंकिंग सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है। करीब 49% युवा प्रोफेशनल्स और 51% कारोबारियों ने कहा कि वे AI से चलने वाले स्मार्ट फीचर्स चाहते हैं। इनमें ऑटोमेटेड सेविंग, बजट प्लानिंग और AI आधारित फाइनेंशियल सलाह जैसी सुविधाएं शामिल हैं। वहीं, 73% कामकाजी महिलाओं ने कहा कि वे AI असिस्टेंट से बैंकिंग सवालों के जवाब लेने में सहज हैं। हालांकि, रिटायरमेंट के करीब पहुंच चुके कई ग्राहक अब भी इंसानों से बात करना ज्यादा पसंद करते हैं।

बैंक शाखाओं की जरूरत अब भी बनी हुई

डिजिटल बैंकिंग बढ़ने के बावजूद बैंक शाखाओं का महत्व खत्म नहीं हुआ है। ग्रामीण ग्राहक, कारोबारी और कई शहरी ग्राहक अब भी कैश ट्रांजैक्शन, KYC और दस्तावेजी काम के लिए शाखाओं में जाना पसंद करते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 52% अमीर शहरी ग्राहक नियमित रूप से बैंक शाखाओं का इस्तेमाल करते हैं। वहीं ग्रामीण इलाकों में लोग जमा और निकासी जैसे कामों के लिए शाखाओं पर ज्यादा निर्भर हैं।

करीब 88% ग्राहकों ने कहा कि बैंक अकाउंट खोलने की प्रक्रिया आसान रही। लेकिन कई युवा ग्राहकों ने शिकायत की कि उन्हें बार-बार शाखा जाना पड़ा, ज्यादा दस्तावेज देने पड़े और प्रक्रिया लंबी रही।

EY इंडिया के नेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज लीडर प्रतीक शाह ने कहा कि जिन बैंकों का ग्राहक अनुभव बेहतर होगा, वे ज्यादा ग्राहकों को जोड़ पाएंगे और बाजार में अलग पहचान बना सकेंगे। वहीं EY इंडिया की पार्टनर आरती रंगराजन ने कहा कि आज के ग्राहक तेज, आसान और पारदर्शी बैंकिंग चाहते हैं। उन्होंने कहा कि केवल 25% ग्राहक ही अपने बैंकिंग अनुभव को ‘बेहतरीन’ मानते हैं, जिससे साफ है कि बैंकों के पास सुधार की काफी गुंजाइश है।

First Published : May 20, 2026 | 2:38 PM IST