कॉरपोरेट बॉन्ड मार्केट में मंगलवार को 12,500 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाए जाने से हलचल है। दरअसल, सुस्त यील्ड से उधारी की लागत घटी है। इससे इस महीने में कुल 1 लाख करोड़ रुपये के बॉन्ड जारी किए जाने की उम्मीद है। जून में अब तक अच्छी रेटिंग वाले कॉरपोरेट बॉन्ड की यील्ड में 50-70 आधार अंक की कमी आई है।
स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (सिडबी) ने मंगलवार को 7.40 प्रतिशत कूपन दर वाले पांच साल के बॉन्ड से 6,000 करोड़ जुटाए जबकि आरईसी लिमिटेड ने 7.46 प्रतिशत दर वाले 10 साल के बॉन्ड से 4,000 करोड़ रुपये जुटाए।
हाउसिंग ऐंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (हडको) ने 3,000 करोड़ रुपये के बेस इश्यू साइज के मुकाबले 2,140 करोड़ रुपये की बोलियां स्वीकार कीं। ये बॉन्ड 18 जुलाई, 2029 को परिपक्व होने हैं और इन बॉन्ड की यील्ड 7.23 प्रतिशत तय की गई।
मौजूदा वित्त वर्ष के शुरुआती दो महीनों में सुस्ती के बाद जून में तेजी देखी जा रही है। अप्रैल और मई में घरेलू बॉन्ड मार्केट के ज़रिए 1.07 लाख करोड़ रुपये से कुछ ज़्यादा रकम जुटाई गई थी, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में लगभग 58 प्रतिशत कम थी। यह वित्त वर्ष 23 के बाद से किसी वित्त वर्ष के शुरुआती दो महीनों में जुटाई गई सबसे कम रकम थी।
रॉकफोर्ट फिनकैप एलएलपी के संस्थापक व मैनेजिंग पार्टनर वेंकटकृष्णन श्रीनिवासन ने कहा, ‘पहले ही जुटाई गई रकम, पाइपलाइन में मौजूद बड़ी परियोजना और एएए-रेटिंग वाले बॉन्ड की लगातार मांग को देखते हुए जून में कुल बॉन्ड कलेक्शन आसानी से 1 लाख करोड़ से ज्यादा हो सकता है।’