ऐक्सिस बैंक की योजना वित्त वर्ष 27 में 500 नई शाखाएं खोलने की है। भारत के तीसरे बड़े इस निजी बैंक ने वित्त वर्ष 26 में 400 नई शाखाएं अपने नेटवर्क में जो़ड़ी हैं। ऐक्सिस बैंक की बैंकिंग शाखा और टीएएससी बिजनेस के समूह प्रमुख रेनॉल्ड डिसूजा ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 के लिए बैंक की शाखा विस्तार रणनीति का उद्देश्य शहरी केंद्रों में अवसरों का संतुलन और कस्बाई व ग्रामीण भारत में अपनी पैठ बढ़ाना है।
उन्होंने कहा, ‘हमारी देश भर में लगभग 6,275 शाखाएं हैं। चालू वित्त वर्ष में 500 शाखाएं खोलने की योजना है। इनमें 40 प्रतिशत महानगरों और 60 प्रतिशत गैर-महानगरीय क्षेत्रों में स्थापित की जाएंगी।’ उन्होंने पारंपरिक शहरी बाजारों से परे अपनी उपस्थिति का विस्तार करने पर बैंक के बढ़ते फोकस को रेखांकित किया।
क्षेत्रवार देखें तो यह विस्तार सभी प्रमुख भौगोलिक क्षेत्रों में होगा। इसमें करीब 32 प्रतिशत नई शाखाएं उत्तरी भारत, करीब 24 प्रतिशत दक्षिणी व पश्चिमी क्षेत्र और लगभग 20 प्रतिशत पूर्वी भारत में खोलने की योजना है। बैंक का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027 के अंत तक देश भर के 700 से अधिक जिलों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराना है।
डिसूजा ने बताया कि बैंक ने वित्त वर्ष 2027 में शाखा विस्तार के प्रमुख चालक के रूप में उच्च मूल्य वाले, संबंध-केंद्रित ग्राहक वर्गों की पहचान की है। इनमें वरिष्ठ नागरिक और अनिवासी भारतीय (एनआरआई) दो प्रमुख विकास आधार के रूप में उभरे हैं। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिक अत्यंत स्थिर व भरोसेमंद वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिनमें महत्त्वपूर्ण जमा क्षमता और दीर्घकालिक संपत्ति भंडार हैं।
डिसूजा ने कहा कि एनआरआई वर्ग के लिए शाखा विस्तार उच्च प्रेषण इलाकों और समृद्ध क्षेत्रों पर केंद्रित होगा जहां सीमा पार बैंकिंग की जरूरतें तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने जोर दिया कि ये दोनों वर्ग वरिष्ठ नागरिक और एनआरआई – न केवल जमा राशि जुटाने के मजबूत अवसर प्रदान करते हैं बल्कि स्थिर देनदारी पूल बनाने में भी योगदान देते हैं, जो दीर्घकालिक लाभप्रदता के लिए महत्त्वपूर्ण है।