गुरुवार की उथल-पुथल के बाद शुक्रवार को भी एचडीएफसी बैंक का शेयर करीब 2.41 फीसदी गिर गया। एचडीएफसी बैंक के प्रबंधन और बोर्ड ने अंशकालिक चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के अचानक इस्तीफे के बाद निवेशकों में पैदा हुई अनिश्चितता को शांत करने की कल त्वरित कोशिश की है। बीएसई पर बैंक का शेयर 780.45 रुपये पर बंद हुआ। पिछले दो दिनों में शेयर लगभग 7.5 प्रतिशत गिर चुका है और बाजार पूंजीकरण लगभग 1 लाख करोड़ रुपये घट गया है।
बैंक ने बुधवार देर रात एक्सचेंजों को सूचित किया कि चक्रवर्ती ने बैंक के कुछ तौर-तरीकों के अनुरूप न होने का हवाला देते हुए बैंक के अंशकालिक चेयरमैन के पद से इस्तीफा दे दिया है। उसके बाद भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मंजूरी से केकी मिस्त्री को बैंक का अंतरिम अंशकालिक चेयरमैन नियुक्त किया गया।
मिस्त्री ने गुरुवार को निवेशकों की चिंताओं को शांत करने की कोशिश की और कहा कि इस समय बैंक को लेकर चिंता की कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा, ‘बैंक मजबूत संचालन मानकों, मजबूत आंतरिक नियंत्रण और अत्यंत अनुभवी प्रबंधन टीम के साथ काम कर रहा है। हमारी रणनीतिक दिशा, व्यावसायिक प्राथमिकताएं और क्रियान्वयन क्षमताएं हमेशा की तरह बनी हुई हैं।’
मिस्त्री ने गुरुवार को विश्लेषकों और मीडिया के साथ बातचीत में कहा, ‘अगर यह मेरे उन उसूलों और ईमानदारी के स्तर के अनुरूप न होता, जिसकी उम्मीद मैं बैंक से करता हूं, तो मैं 71 साल की उम्र में यह जिम्मेदारी नहीं लेता।’
मोतीलाल ओसवाल की एक रिपोर्ट के अनुसार एचडीएफसी बैंक में हुए इस घटनाक्रम ने निवेशकों की भावना को ठेस पहुंचाई है और यह ऐसे समय हुआ है जब बाजार पहले से ही बड़ी आर्थिक अनिश्चितताओं से जूझ रहा है। हालांकि, प्रबंधन टीम के आश्वासन, अंतरिम चेयरमैन के रूप में मिस्त्री की नियुक्ति और बैंक के कॉरपोरेट प्रशासन और अनुपालन मानकों पर आरबीआई की मुहर ने कुछ चिंताओं को कम करने में मदद की है।
रिपोर्ट में कहा गया है, ‘हमारा मानना है कि नए चेयरमैन की नियुक्ति और अगले सीईओ कार्यकाल के लिए शशिधर जगदीशन के नाम का प्रस्ताव निवेशकों में विश्वास बहाल करने में मदद करेगा।’ इसमें यह भी कहा गया है कि आने वाले वर्ष में बेहतर परिचालन प्रदर्शन शेयर के लिए महत्त्वपूर्ण होगा।
मैक्क्वेरी कैपिटल में वित्तीय सेवा अनुसंधान के प्रबंध निदेशक सुरेश गणपति ने शुक्रवार को एक रिपोर्ट में कहा, ‘अक्टूबर 2026 में नवीनीकरण के लिए आने वाले सीईओ कार्यकाल को आरबीआई से मंजूरी मिलने तक अनिश्चितता की अवधि रहेगी।’
कल एक रिपोर्ट में गणपति ने कहा था कि उन्होंने एचडीएफसी बैंक को अपनी ‘मर्की’ खरीद सूची से हटा दिया है। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में कहा, ‘अल्पावधि प्रदर्शन में गिरावट रह सकती है, जबकि परिसंपत्ति पर अच्छा रिटर्न (आरओए) जैसे फंडामेंटल मजबूत बने हुए हैं। हालांकि इस समय प्रशासन संबंधी चिंताएं शेयर पर भारी पड़ेंगी। निवेशक बोर्ड से अधिक आश्वासन चाहेंगे। साथ ही, शशि की पुनर्नियुक्ति को लेकर अनिश्चितता भी शेयर पर दबाव डालेगी।’ उन्होंने कहा कि प्रमुख जोखिमों में वृद्धि की रफ्तार में सुस्ती और प्रशासन संबंधी मुद्दों का सामने आना शामिल है।