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बॉन्ड यील्ड में उछाल से बाजार में हलचल, राहत के लिए 1 लाख करोड़ रुपये के बॉन्ड खरीदेगा RBI

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से बॉन्ड यील्ड बढ़ने के बाद, आरबीआई ने मार्च में तरलता संकट से निपटने हेतु 1 लाख करोड़ रुपये की बॉन्ड खरीद की घोषणा की है

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अंजलि कुमारी   
Last Updated- March 06, 2026 | 10:23 PM IST

पश्चिम एशिया में युद्ध के चलते कच्चे तेल की कीमतों में आई उछाल के कारण शुक्रवार को सरकारी बॉन्ड यील्ड में ओवरनाइट इंडेक्स्ड स्वैप दरों के मुताबिक वृद्धि देखी गई। बेंचमार्क 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड पिछले बंद भाव 6.64 फीसदी के मुकाबले 6.69 फीसदी पर टिकी। डीलरों ने यह जानकारी दी।

ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें पिछले दिन के 82.76 रुपये प्रति बैरल के मुकाबले बढ़कर 86.94 रुपये प्रति बैरल पर पहुंच गईं।

बाजार बंद होने के बाद भारतीय रिजर्व बैंक ने इस महीने अग्रिम कर भुगतान के कारण अपेक्षित तरलता संकट से निपटने के लिए 9 मार्च और 13 मार्च को 50,000 करोड़ रुपये की दो किस्तों में ओपन मार्केट ऑपरेशन के जरिये 1 लाख करोड़ रुपये के बॉन्ड खरीदने की घोषणा की। डीलरों ने बताया कि केंद्रीय बैंक ने सप्ताह के दौरान द्वितीयक बाजार में भारी मात्रा में बॉन्ड खरीदे, जिससे 10 साल के बेंचमार्क बॉन्ड पर यील्ड 6.70 फीसदी से नीचे सीमित रही।

एक निजी बैंक के ट्रेजरी प्रमुख ने कहा, आरबीआई ने शुक्रवार को बॉन्ड नहीं खरीदे, जिसके कारण यील्ड में वृद्धि हुई। उन्होंने कहा, मौजूदा भू-राजनीतिक हालात देखते हुए ओआईएस में भुगतान हो रहा था और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई थीं, जिसके कारण बिकवाली हुई।

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बाजार के जानकारों का कहना है कि आरबीआई द्वारा घोषित ओएमओ खरीद का मुख्य मकसद मार्च में अपेक्षित भारी कर भुगतान से पहले बैंकिंग प्रणाली में तरलता बढ़ाना है। बाजार के जानकारों का अनुमान है कि अग्रिम कर और जीएसटी भुगतान से प्रणाली से करीब 4 लाख करोड़ रुपये निकल सकते हैं, जिससे तरलता में काफी कमी आ सकती है। इसके अलावा, विदेशी मुद्रा बाजार में केंद्रीय बैंक के हालिया हस्तक्षेप और फॉरेक्स फॉरवर्ड सेल्स की परिपक्वता से भी रुपये की तरलता में कमी आने की संभावना है।

एक निजी बैंक के ट्रेजरी प्रमुख ने कहा, इस कदम को तरलता के दबाव को कम करने के लिए ऐहतियाती कदम के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा, ओएमओ नीलामी से ब्याज दरों में नरमी भी आएगी क्योंकि बैंक दो से तीन प्रतिभूतियों में लाभ कमा रहे हैं। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार को बैंकिंग प्रणाली में शुद्ध तरलता 3.02 लाख करोड़ डॉलर के अधिशेष में थी।

9 मार्च को खरीद के लिए पात्र प्रतिभूतियों में 6.01% सरकारी प्रतिभूति (जीएस) 2030, 6.10% जीएस 2031, 7.18% जीएस 2033, 6.19% जीएस 2034, 6.33% जीएस 2035, 6.92% जीएस 2039 और 7.30% जीएस 2053 शामिल हैं। हालांकि कुल खरीद राशि 50,000 करोड़ रुपये अधिसूचित की गई है, लेकिन प्रतिभूतियों के तहत आवंटन निर्दिष्ट नहीं किया गया है।

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इस बीच, एक वर्षीय ओआईएस की दर पिछले बंद भाव 5.55 फीसदी के मुकाबले 5.61 फीसदी पर टिकी। पांच वर्षीय ओआईएस की दर पिछले बंद भाव 6.10 फीसदी के मुकाबले 6.22 फीसदी पर टिकी। एक निजी बैंक के डीलर ने कहा, आज ओआईएस में विदेशी भुगतान हुआ, इसलिए हमने पांच वर्षीय सेगमेंट में करीब 15 आधार अंकों की वृद्धि देखी।

नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि आरबीआई ने पिछले सप्ताह द्वितीयक बाजार में लगभग 9900 करोड़ रुपये के सरकारी बॉन्ड खरीदे। यह लगातार तीसरा सप्ताह है जब केंद्रीय बैंक ने ओएमओ नीलामी के अलावा बॉन्ड खरीदे हैं। केंद्रीय बैंक ने 18 फरवरी को द्वितीयक बाजार में 2,815 करोड़ रुपये के सरकारी बॉन्ड खरीदे थे। 23 जनवरी को समाप्त हुए सप्ताह में आरबीआई ने द्वितीयक बाजार से 12,655 करोड़ रुपये के बॉन्ड खरीदे थे।

First Published : March 6, 2026 | 10:23 PM IST