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MP: धार-खरगोन के किसानों को अमानक बीज से भारी नुकसान, नुन्हेम्स इंडिया पर FIR दर्ज; जांच शुरू

कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों के हित उनके लिए सर्वोच्च हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को जल्द न्याय और मुआवजा मिलना सुनिश्चित किया जाएगा

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संदीप कुमार   
Last Updated- April 17, 2026 | 6:42 PM IST

मध्य प्रदेश के धार और खरगोन जिले के किसानों द्वारा अमानक बीज बेचे जाने के आरोपों के बाद हैदराबाद की कंपनी नुन्हेम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर जांच आरंभ कर दी गई है। किसानों ने नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात करके करेले की फसल में अमानक बीज और रोपे से हुए भारी नुकसान की शिकायत की। कृषि मंत्री ने इसे किसानों की आजीविका पर प्रहार मानते हुए दोषी कंपनी के विरुद्ध जांच के आदेश दिए ओर किसानों को समुचित मुआवजा दिलाने के निर्देश भी दिए।

किसानों को जल्द न्याय और मुआवजे का वादा

कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों के हित उनके लिए सर्वोच्च हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को जल्द न्याय और मुआवजा मिलना सुनिश्चित किया जाएगा तथा दोषी कंपनी के विरुद्ध ठोस वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

इसके बाद धार जिले के मनावर थाने में कंपनी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, आवश्यक वस्तु अधिनियम और बीज अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला पंजीकृत कर लिया गया। एफआईआर में नुन्हेम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, हैदराबाद को आरोपित बनाया गया है।

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अमानक बीज से फसल को भारी नुकसान

किसानों के अनुसार उन्होंने नवंबर 2025 में स्थानीय नर्सरियों और कृषि सेवा केंद्रों से इस कंपनी के बीज और रोपे खरीदे थे लेकिन बोआई के बाद अपेक्षित उत्पादन नहीं हुआ। करेले के फल छोटे आकार में ही पीले पड़े और गिर गए। उत्पादन में भारी गिरावट आने के बाद किसानों ने 17 फरवरी 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी। प्रारंभिक जांच में कृषि वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों ने पाया कि बीज अमानक थे और उनसे तैयार रोपे भी खराब गुणवत्ता वाले थे।

खबर लिखे जाने तक कंपनी को भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं मिला है।

First Published : April 17, 2026 | 6:42 PM IST