भारतीय रेलवे ने वाहनों की ढुलाई में वृद्धि दर्ज की है। रेलवे के जरिये वाहनों की ढुलाई साल 2014 में महज 1.5 फीसदी थी, जो बढ़कर अब 20 फीसदी से अधिक हो गई है। भारतीय रेल के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की अप्रैल से दिसंबर अवधि के दौरान वाहनों की ढुलाई के लिए रेलवे द्वारा […]
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वाहनों के लिए कलपुर्जा बनाने वाली कंपनियों को मांग में नरमी और वैश्विक बाजार में मंदी की वजह से चालू और अगले वित्त वर्ष में राजस्व में 6 से 8 फीसदी की गिरावट आने के आसार हैं। कंपनियां अब इसी प्रभाव को कम करने के लिए अपने बाजार में विविधता ला रही हैं। क्रिसिल की […]
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भारत के पूंजीगत वस्तु और इंजीनियरिंग फर्मों की वृद्धि को कच्चे माल की कम लागत और ऑर्डर बुक के दमदार निष्पादन से बल मिलेगा। विश्लेषकों का यह कहना है। उनका मानना है कि चालू वित्त वर्ष की दिसंबर तिमाही (वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही) में पूंजीगत वस्तु और इंजीनियरिंग फर्मों की लाभप्रदता में स्थिरता […]
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Defense Stocks: रक्षा मंत्रालय द्वारा आधुनिकीकरण, नई प्रौद्योगिकियों और निर्यात पर जोर दिए जाने के साथ साथ 2024-25 की चौथी तिमाही में ठेकों की रफ्तार भी तेज बनी रही। इससे भारत के रक्षा क्षेत्र की राजस्व एवं आय संभावनाएं मजबूत होंगी। ब्रोकरेज फर्मों के अनुसार, सूचीबद्ध रक्षा क्षेत्र की बड़ी कंपनियों के शेयर मूल्यों में […]
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सेबी ने हाल में द रिस्क ऐंड रिटर्न वेरिफिकेशन एजेंसी को मंजूरी दी है, जो निवेश सलाहकारों और शोध विश्लेषकों के दावे को सत्य सिद्ध करने के लिए है। यह एनएसई के साथ साझेदारी वाली एजेंसी क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के लिए सख्त दिशानिर्देश लागू कर सकती है। सूत्रों ने कहा कि इन एजेंसियों की पात्रता […]
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साल 2024 में राइट्स इश्यू एक बार फिर पटरी पर लौटता दिखा क्योंकि इसके लेनदेन के आकार में इजाफा दर्ज हुआ। कुल 20 कंपनियों ने साल के दौरान 21,404.09 करोड़ रुपये राइट्स इश्यू के जरिये जुटाए जबकि साल 2023 में 12 कंपनियों ने इसके जरिये 7,266.33 करोड़ रुपये जुटाए थे। सूचीबद्ध कंपनियों को मौजूदा शेयरधारकों […]
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कैलेंडर वर्ष 2024 में चौथी तिमाही की सुस्ती के बावजूद म्युचुअल फंडों (एमएफ) ने अपनी प्रबंधन अधीन परिसंपत्तियों (एयूएम) में करीब 40 फीसदी का इजाफा दर्ज किया। 39.4 फीसदी की यह एयूएम वृद्धि दर पिछले दशक में सर्वाधिक है। म्युचुअल फंडों के संगठन (एम्फी) के अनुसार दिसंबर तिमाही के ताजा आंकड़ों से पता चलता है […]
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रोजमर्रा के सामान (एफएमसीजी) बनाने वाली कंपनियों की मात्रा पर चालू वित्त वर्ष की अक्टूबर से दिसंबर तिमाही (तीसरी तिमाही) के दौरान दबाव देखने को मिल सकता है। मगर तिमाही के दौरान कीमतों में वृद्धि से राजस्व बढ़ने में मदद भी मिल सकती है। शहरी मांग में लगातार कमी से उपभोक्ता वस्तु बनाने वाली कंपनियों […]
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ऑनलाइन निवेश प्लेटफार्मों की बढ़ती पहुंच और शीर्ष प्रदर्शन करने वाले फंडों के लिए निवेशकों की प्राथमिकता के कारण लगभग प्रत्येक दो में से एक इक्विटी म्युचुअल फंड (एमएफ) खाता, या फोलियो, अब तीन सबसे जोखिमपूर्ण श्रेणियों – सेक्टोरल और थीमैटिक, स्मॉलकैप और मिडकैप फंडों से जुड़ा हुआ है। हाल के वर्षों में खुले नए […]
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बीते सप्ताह शुक्रवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया चार पैसे टूटकर अबतक के सबसे निचले स्तर 85.79 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।रुपये की विनिमय दर में आ रही गिरावट के बीच विशेषज्ञों ने कहा है कि घरेलू मुद्रा के मूल्य में गिरावट से आयातित कच्चे माल के महंगा होने से उत्पादन लागत बढ़ेगी और […]
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