निशांत कुमार - File Image
बिहार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली पहली सरकार का आज बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार हुआ। पूर्व मुख्यमंत्री और जनता दल (यूनाइटेड) के प्रमुख नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार और 31 अन्य ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार में मंत्री पद की शपथ ली। पटना के गांधी मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे। राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने पांच दलों वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सभी 32 नेताओं को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
शपथ लेने वाले 32 लोगों में 15 भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), 13 जनता दल (यूनाइटेड), 2 लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और 1-1 हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) तथा राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) से थे।
हम की ओर से केंद्रीय मंत्री और पार्टी प्रमुख जीतन राम मांझी के बेटे संतोष कुमार सुमन और राष्ट्रीय लोक मोर्चा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश ने भी शपथ ली। ये दोनों नवंबर में गठित नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद में शामिल थे।
जदयू के विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने अप्रैल में सम्राट चौधरी के साथ शपथ ली थी और उन्हें उप मुख्यमंत्री बनाया गया था। नीतीश कुमार ने अप्रैल में बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और राज्य सभा के लिए चुने गए थे। निशांत कुमार पहली बार मंत्री बने हैं और उन्हें छह महीने के भीतर बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों में से किसी एक के लिए चुना जाना होगा। निशांत के राजनीति में प्रवेश का उद्देश्य जदयू में निरंतरता सुनिश्चित करना है, जहां उनके सहयोग के लिए एक टीम तैयार की जा रही है और कुर्मी समुदाय के साथ-साथ कोइरी-कुशवाहा (जिन्हें बिहार में लव-कुश कहा जाता है) के बीच राजग के समर्थन आधार को बनाए रखना है। मुख्यमंत्री चौधरी भी कुशवाहा समुदाय से आते हैं।
विस्तारित मंत्रिपरिषद में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (ईबीसी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और सवर्णों से 9-9 मंत्री, 7 दलित और 1 मुस्लिम हैं। इसमें 5 महिलाएं शामिल हैं, जिनमें जदयू से 3 महिलाएं हैं।