सुपरमार्केट श्रृंखला विशाल मेगा मार्ट (Vishal Mega Mart) के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को पेशकश के दूसरे दिन गुरुवार तक 1.53 गुना आवेदन प्राप्त हुए। एनएसई (NSE) के आंकड़ों के मुताबिक, आरंभिक शेयर बिक्री में 75,67,56,757 शेयरों की पेशकश के मुकाबले 1,15,74,96,150 शेयरों के लिए बोलियां मिलीं। गैर-संस्थागत निवेशकों (एनआईआई) के हिस्से को 3.80 गुना […]
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राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने 7.40 प्रतिशत कूपन (ब्याज) की दर से 5 साल और 4.5 महीने के बॉन्ड के जरिये 4,864 करोड़ रुपये जुटाए। इसी तरह, सरकारी कंपनी इंडियन रेलवे फाइनैंस कॉरपोरेशन (आईआरएफसी) ने 7.09 प्रतिशत की कूपन दर से 10 साल की अवधि के बॉन्ड से 2,345 करोड़ रुपये जुटाए। […]
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खुदरा आभूषण विक्रेता कंपनी पीसी ज्वेलर लिमिटेड के निदेशक मंडल ने अपने बकाया कर्ज के एक हिस्से का निपटान करने के लिए भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) सहित अन्य ऋणदाताओं के समूह को 5.17 करोड़ से अधिक इक्विटी शेयर जारी करने की मंजूरी दे दी है। कंपनी ने बुधवार को शेयर बाजार को दी सूचना में […]
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नवंबर में इक्विटी बाजार में नए निर्गमों ने बड़े पैमाने पर म्युचुअल फंडों (एमएफ) का इक्विटी निवेश आकर्षित किया। पिछले महीने ही बाजार में दस्तक देने वाले स्विगी और एनटीपीसी ग्रीन के साथ साथ जोेमैटो ने एमएफ इक्विटी खरीद चार्ट पर अपना दबदबा बनाया और इनमें करीब 15,000 करोड़ रुपये का निवेश हासिल हुआ। जोमैटो […]
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भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण जीवन बीमा कंपनियों की प्रवर्तक बैंकों के माध्यम से बीमा उत्पादों की बिक्री पर अत्यधिक निर्भरता कम करने के लिए नियम ला सकता है। घटनाक्रम से अवगत सूत्रों ने यह जानकारी दी। बीमा नियामक समूचे उद्योग में संतुलित वृद्धि के लिए जीवन बीमा उत्पादों के लिए विविध वितरण चैनलों […]
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शीर्ष स्तर की तुलना में 10 प्रतिशत से ज्यादा की नरमी के साथ ‘गिरावट’ वाले चरण में चले गए अधिकांश प्रमुख सूचकांकों, खास तौर पर मिड और स्मॉलकैप के लिए दिसंबर का महीना बाजार के लिए अब तक बेहतर रहा है। आंकड़ों से पता चलता है कि जहां दिसंबर में निफ्टी 50 सूचकांक 2.1 प्रतिशत […]
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साल खत्म होने को है और इस वक्त पीछे मुड़कर देखना स्वाभाविक ही है। गुजरता साल कई चुनावों में हार-जीत का गवाह बना और भूराजनीतिक उथलपुथल के भी दूरगामी असर रहे। मगर भारत में तेज होड़ और समान अवसरों के वादे के बीच बहुत कुछ और भी हुआ, जिसकी बात नीचे की जा रही है। […]
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रोजमर्रा के इस्तेमाल का सामान बनाने वाली कंपनियों (एफएमसीजी) ने अपने उत्पादों के दाम बढ़ाए हैं मगर शहरी बाजारों में मांग स्थिर रहने और ग्रामीण बाजारों में सुधार के संकेत देखते हुए कंपनियां बढ़ी लागत का पूरा भार ग्राहकों पर नहीं डाल रही हैं। आम तौर पर खाद्य तेल कंपनियां अपनी इन्वेंट्री के हिसाब से […]
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पिछले तीन साल के दौरान सकल घरेलू उत्पाद जीडीपी में 8 प्रतिशत सालाना से ऊपर की वृद्धि हासिल करने के बाद अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में केवल 5.4 प्रतिशत वृद्धि दर्ज कर पाई। पिछली सात तिमाहियों में यह वृद्धि का सबसे कम आंकड़ा रहा। इस तिमाही में आर्थिक सुस्ती का अंदाजा तो […]
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खाद्य पदार्थों के दाम घटने और अनुकूल आधार की वजह से उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित खुदरा मुद्रास्फीति नवंबर में घटकर 5.48 फीसदी रह गई। अक्टूबर में यह 6.21 फीसदी पर पहुंच गई थी जो 14 महीने में सबसे अधिक थी। मुद्रास्फीति में नरमी से फरवरी में होने वाली मौद्रिक समीक्षा बैठक में रीपो दर घटाए […]
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