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लेखक : बीएस संपादकीय

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार, लेख, संपादकीय

अच्छा प्रदर्शन कर रहे भारतीय बैंक, लोन आवंटन बढ़ा और NPA घटा

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने इस सप्ताह सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निदेशकों को अपने संस्थानों में संचालन और जोखिम प्रबंधन एवं आंतरिक अंकेक्षण से जुड़ी प्रक्रिया और चुस्त-दुरुस्त करने के लिए कहा। दास के इस निर्देश का अभिप्राय यह है कि बैंक किसी तरह के जोखिम की पहचान समय रहते […]

आज का अखबार, लेख

अदाणी हिंडनबर्ग मामला: आरोपों से पूरी तरह बरी नहीं

उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद इस सप्ताह अदाणी समूह की कंपनियों के शेयर खरीदने में निवेशकों की रुचि एक बार फिर बढ़ गई है। इस रिपोर्ट में इस साल जनवरी में हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट में नियामकीय विफलताओं के संदर्भ में लगाए गए आरोपों के कोई ठोस साक्ष्य नहीं […]

आज का अखबार, संपादकीय

एकतरफा फैसले

अर्थव्यवस्था में काले धन के प्रवाह पर नजर रखना और इस पर अंकुश लगाने के लिए उपाय करना सरकार के लिए स्वाभाविक सी बात है। तुलनात्मक रूप से अधिक परिपक्व अर्थव्यवस्थाओं में सर्वाधिक उत्पादक कार्यों को कर दायरे में लाने का पूरा ध्यान रखा जाता है ताकि कर वंचना या कर भुगतान में आनाकानी की […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

राजकोषीय समेकन की चुनौतियां

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के बोर्ड ने पिछले सप्ताह भारत सरकार को वर्ष 2022-23 के लिए अधिशेष रकम के रूप में 87,416 करोड़ रुपये हस्तांतरित करने का निर्णय लिया। सरकार ने RBI, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों से अधिशेष रकम के रूप में 48,000 करोड़ रुपये प्राप्त होने का लक्ष्य रखा था। RBI […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

पीएलआई आवंटन बढ़ाना काफी नहीं

देश में इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण को बढ़ावा देने के एक और प्रयास के रूप में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को सूचना-प्रौद्योगिकी (आईटी) हार्डवेयर के लिए उत्पादन संबद्ध प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना- 2.0 पर मुहर लगा दी। इस योजना के लिए 17,000 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। सरकार ने इस योजना के पिछले स्वरूप के […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

यूरोप में AI कानून के ड्राफ्ट को मंजूरी, भारत के लिए बनेगा उदाहरण

यूरोपीय संसद की एक समिति ने आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) कानून के मसौदे पर मुहर लगा दी है। अब इस मसौदे पर चर्चा होगी और संसद के आगामी सत्र में इस पर मतदान होगा। इस मसौदे में निहित प्रावधान इसके पारित होने से पहले बदल सकते हैं। यह अधिनियम न केवल यूरोपीय संघ में एआई यानी […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

देशी रक्षा उपकरणों को बढ़ावा देना ठीक, मगर सेना की संतुलित तैयारी भी जरूरी

पिछले लगभग तीन वर्षों से रक्षा मंत्रालय रक्षा उपकरणों की खरीद में ‘आत्मनिर्भरता’ को बढ़ावा देने का प्रयत्न कर रहा है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए मंत्रालय विशेष हथियारों और रक्षा उपकरणों के आयात पर प्रतिबंध लगा रहा है। दिसंबर 2020 में मंत्रालय ने सबसे पहले कुछ खास रक्षा प्रणालियों की लाइन रिप्लेसमेंट यूनिट्स […]

आज का अखबार, संपादकीय

एक्सपोर्ट केवल कुछ हाई इनकम देशों तक सीमित न रखे भारत

ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार का ध्यान उच्च-आय वाले देशों को अधिक मूल्यवान वस्तुओं का निर्यात बढ़ाने और राजकोषीय घाटा कम करने पर है। उपलब्ध आंकड़ों को देखने से तो यही लगता है कि इस नीति को औसत सफलता मिली है। सोमवार को जारी अप्रैल 2023 के आंकड़ों के अनुसार वस्तु एवं सेवाओं का […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

कर्नाटक से मिले संकेत

कर्नाटक विधानसभा चुनावों में शानदार जीत से गदगद कांग्रेस के उत्साह का विश्लेषण सावधानी के साथ वास्तविकता को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। आमतौर पर ऐसे अनुमान जताए जा रहे थे कि राज्य विधानसभा चुनावों में कांग्रेस दमदार प्रदर्शन कर सकती है। इसका कारण यह था कि दशकों से कर्नाटक में कोई भी सरकार […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Go First के दिवालिया होने का मामला: अब आगे क्या होगा?

राष्ट्रीय कंपनी वि​धि पंचाट (एनसीएलटी) ने ऋणशोधन अक्षमता एवं दिवालिया संहिता (आईबीसी) के तहत गो फर्स्ट की स्वैच्छिक दिवालिया याचिका को सहजता से स्वीकार करके तथा एक अंतरिम निस्तारण पेशेवर की नियुक्ति करके अच्छा किया है। इस प्रक्रिया की शुरुआत का अर्थ यह है कि ऋणदाता फिलहाल बकाया वसूलने की स्थिति में नहीं रहेंगे। करीब […]

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