काली मिर्च वायदा में नरमी
कमजोर निर्यात मांग की खबर के कारण बिकवाली में तेजी आने से घरेलू वायदा बाजार में शुक्रवार को काली मिर्च की कीमतों में गिरावट आई। नैशनल कमोडिटी एवं डेरिवेटिव एक्सचेंज (एनसीडीईएक्स) में दोपहर 11.45 बजे के कारोबार में सर्वाधिक सक्रिय सितंबर अनुबंध की कीमत 1.8 प्रतिशत घटकर 13,700 रुपये प्रति क्विंटल हो गई, जिसके कारोबार […]
कपास के बढ़े एमएसपी से किसानों को मिलेगी राहत
विश्व के दूसरे सबसे बड़े कपास उत्पादक भारत ने कपास के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 48 फीसदी की बढ़ोतरी कर किसानों को राहत दी है। नई दरें बाजार की दरों को ध्यान में रखते हुए तय की गई है। कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (कॉटन कॉर्प) के प्रबंध निदेशक सुभाष ग्रोवर ने कहा कि लंबे […]
मानसून की वापसी में देरी से फसलों को फायदा होगा
इस सीजन में मानसून जहां समय से पहले आ गया, वहीं इसकी वापसी देर से हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके चलते मौजूदा सीजन की खरीफ फसलों और रबी सीजन में बोई जाने वाली फसलों को भी काफी फायदा पहुंचेगा। हालांकि देश के उत्तरी-पूर्वी इलाके में तेज बारिश की संभावना के चलते […]
किशमिश आयात में होगी 8 फीसदी की बढ़ोतरी
त्योहारी सीजन शुरू होने के साथ किशमिश की मांग में आई तेजी के कारण इस साल भारत को अंतरराष्ट्रीय बाजार से अधिक मात्रा में इसका आयात करना पड़ सकता है। किशमिश का इस्तेमाल मुख्य रूप से मिठाइयों, टॉफियों और आयुर्वेदिक औषधि के रूप में किया जाता है। अमेरिकी कृषि विभाग ने अपनी ताजा रिपोर्ट में […]
जलवे मल्लिका-ए-हुस्न के
उनका कमरा बेहद शानदार है। बेहतरीन इंटीरियर वाले इस कमरे में सुनहरे रंग के पेंट वाले सोफे और उसी रंग में मेल खाते गद्दे भी हैं। मेज पर रखे कॉफी के कप भी कम खूबसूरत नहीं हैं। एक किनारे पर ही इसका जिम है। यह वही जगह है जहां वह हर सुबह योग करती हैं। […]
सवालों के घेरे में विश्व बैंक के आंकड़े
विश्व बैंक ने अपने एक आंकड़े में बताया था कि 2005 में कुल भारतीय आबादी का 24 फीसदी हिस्सा प्रतिदिन औसतन 13.14 रुपये या उससे कम पर गुजर बसर कर रहा है। आगे उसने कहा कि देश की 18 फीसदी आबादी ऐसी है जो प्रतिदिन औसतन 16.49 रुपये या उससे भी कम पर जी रही […]
नए नेपाल के लिए जरूरी है नया नजरिया
नवीन नेपाल के बारे में काठमांडू की गली-गली में चर्चा है, लेकिन मतभेद यह है कि नेपाल में वाकई कुछ बदला है क्या? पिछले महीने पुष्पकमल दहल उर्फ ‘प्रचंड’ को देश का प्रधानमंत्री चुना गया। माओवादी आंदोलन के शीर्ष नेताओं में से एक, प्रचंड (और माओवादियों) का चुनावी नारा था – सबको परखा, अब हमको […]
आखिर क्यों हो हर मर्ज की एक ही दवा?
भारत के गंभीरता के साथ वैश्विक दुनिया में कदम रखते ही आर्थिक बहस ने ऐसा स्वरूप ले लिया जो अंतरराष्ट्रीय आयामों से जुड़ा है। कारोबारी चक्र और महंगाई से कैसे निपटा जाए जैसे विषयों पर चर्चाएं की जाने लगीं। यह बदलाव स्वागत योग्य भी है क्योंकि कुछ साल पहले तक नीतियां सिर्फ इस बात को […]
मुश्किल में फंसे प्रोजेक्ट खरीदेगी एचडीएफसी
अग्रणी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कार्पोरेशन (एचडीएफसी) और सहयोगी एसेट मैनेजमेंट यूनिट के पास एक अरब डॉलर का फंड है। इसकी मदद से वह परेशानियों में घिरे रियल एस्टेट प्रोजेक्ट खरीदेगा। यह बात एचडीएफसी के चेयरमैन दीपक पारिख ने कही। उन्होंने कहा कि हालांकि अभी तक किसी ऐसे प्रोजेक्ट को खरीदा नहीं गया […]
टाटा पावर -नई ऊर्जा
आस्ट्रेलियाई कंपनी जियोडायनेमिक्स में 10 फीसदी की हिस्सेदारी के साथ टाटा एनर्जी जियो थर्मल एनर्जी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में प्रवेश कर रही है। जियोडायनेमिक्स जियोथर्मल एनर्जी का उत्पादन करती है। इसमें धरती की सतह के 4000 मीटर नीचे की गर्मी का इस्तेमाल किया जाता है। 10 फीसदी हिस्सेदारी के लिए दिए गए 3.7 करोड़ डॉलर […]
