जरूरी है सिंगुर के सबक को याद रखना
टाटा मोटर्स के सिंगुर को अलविदा कहने के साथ ही एक काफी उलझी हुई कहानी भी खत्म हो गई। यह कहानी उलझी हुई इसलिए है क्योंकि यह साफ नहीं है कि कौन जीता और कौन हारा? साथ ही, यह भी साफ नहीं है कि इसके फायदे क्या हुए? टाटा मोटर्स को एक तरह से नुकसान […]
दिल्ली मेट्रो के मॉडल को लेकर भी हैं कुछ सवाल
दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन (डीएमआरसी) के मुखिया ई श्रीधरन ने योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया को लिखे एक पत्र में कहा है कि हैदराबाद में सार्वजनिक–निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल में ढेरों खामियां हैं। उनका मानना है कि सरकार के स्वामित्व वाला मॉडल बेहतरीन है और हैदराबाद मॉडल बड़े राजनीतिक घोटाले की वजह बन […]
देखिए मानसूनी मुकाबला
मेरे ऑफिस में एक मजाक बन गया है कि संपादकीय बैठक में जब स्टोरी आइडिया पर बात हो रही होगी तो रोहिन की ओर से दो गाड़ियों की तुलना करने का ही आइडिया आएगा। अगर कोई कार बीएमडब्ल्यू की हो तो फिर क्या कहना? हालांकि, मैंने ऐसा कभी सोचा नहीं लेकिन मेरे बारे में लोगों […]
टाटा के जाने से डीलर परेशान
टाटा मोटर्स के सिंगुर से जाने की घोषणा के बाद पश्चिम बंगाल के डीलर्स काफी नाराज हैं। दरअसल, इन डीलरों ने नैनो के लिए एफ-1 नाम से शोरूम खोलने की योजना पर काम करना शुरू कर दिया था। एफ-1 नाम से खोले जा रहे शोरूमों में कंपनी की यात्री कारों की पूरी शृंखला पेश करने […]
बायबैक के जरिए प्रमोटर बढ़ा रहे हैं कंपनियों में हिस्सेदारी
दुनिया भर में छाई आर्थिक मंदी के कारण भारतीय कंपनियों के प्रमोटरों ने बाय बैक और अधिग्रहणों के जरिए अपनी कंपिनयों में हिस्सेदारी बढ़ानी शुरू कर दी है। गुजरात एनआरई ,हिंडाल्को, एसीसी, जीई शिपिंग और पैंटालून रिटेल जैसी दिग्गज कंपनियां अधिग्रहणों के जरिए अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रही है। जबकि बायबैक के जरिए ऐसा करने वाली […]
हिंडाल्कोः प्रमोटर लेंगे आधा राइट
अंतरराष्ष्ट्रीय बाजार में जारी वित्तीय तूफान के कारण जहां शेयर बाजार लगातार गिरावट का रिकॉर्ड बना रहे हैं, वहीं आदित्य बिड़ला समूह की कंपनी हिंडाल्को इंडस्ट्रीज के प्रमोटर अपने प्राथमिकता वारंट को परिवर्तित नहीं करने जा रहे हैं। भारत की सबसे बड़ी एल्युमिनियम कंपनी के प्रमोटरों ने अप्रैल, 2007 में खुद को प्राथमिकता आधार पर […]
रियल्टी में भी छूट की बहार
मंदी की मार झेल रही रियल एस्टेट कंपनियों को त्योहारों के मौके से बड़ी उम्मीदें हैं। ये कंपनियां इस मौके पर ग्राहकों को लुभाने के लिए कई योजनाएं शुरु कर सकती हैं। शुरुआती भुगतान पर 5 से 10 फीसदी की छूट देने की घोषणा तो ये कंपनियां पहले ही कर चुकी हैं। और अगर कोई […]
बैंकों पर रखनी पड़ेगी सख्त निगरह्वानी
पिछले सप्ताह आईसीआईसीआई बैंक के बारे में अफवाहें किसी विस्फोट की तरफ फैल गई, जिसकी वजह बैंक की ब्रिटेन की सहायक कंपनी का अमेरिकी लीमन ब्रदर्स में बॉन्ड्स के जरिये निवेश मानी जा रही थी। बैंक के एटीएम पर जितनी लंबी कतारें लगी हुई थीं, कुछ उतनी ही बार गूगल सर्च इंजन पर ‘आईसीआईसीआई हुआ […]
गर चाहिए स्थिरता, तो सुधार की है गुंजाइश
सभी निवेशक जोखिम उठाने की अपनी काबलियत को देखते हुए अपने पोर्टफोलियो में विभिन्न श्रेणी की परिसंपत्तियों को जोड़ते हैं। उदाहरण के लिए हम राहुल सिन्हा का पोर्टफोलियो लेते हैं, जिसमें सावधि जमाखाते, सार्वजनिक भविष्य निधि यानी पीपीएफ, डाकघर जमाखाता, जीवन बीमा पॉलिसियां (जो सभी कर बचत और निवेश के लिहाज से ली गई हैं), […]
दशहत की गिरफ्त में बिकवाली पड़ सकती है जेब पर भारी
दुनियाभर के बाजारों में जिस तरह का संकट मचा हुआ है, उससे शेयर बाजार भी अछूते नहीं हैं और उनमें दहशत कायम है। शेयरों और म्युचुअल फंडों में निवेश करने वाले छोटे निवेशकों को पिछले 10 महीने से इस संकट की आंच झेलनी पड़ रही है। अब तो उनका मूड निराशा से असहाय की ओर […]
