बारिश की कमी से घट गया तिलहन का रकबा
मानसूनी बारिश के असमान वितरण से तिलहन के रकबे में 1.65 फीसदी की कमी हुई है। वनस्पति तेल उद्योग को नियंत्रित करने वाली शीर्ष संस्था सेंट्रल ऑर्गनाइजेशन फॉर ऑयल इंडस्ट्री एंड ट्रेड (सीओओआईटी) की एक ताजातरीन रिपोर्ट में यह बात कही गयी है। देश में 1 अगस्त तक तिलहन की बुआई क्षेत्र के आंकड़े जारी […]
‘सरकारी नियंत्रण से पीछे जा रहा है इस्पात उद्योग’
घरेलू इस्पात निर्माताओं ने चेताया है कि यदि 7 अगस्त के बाद भी इस्पात की कीमतें न बढ़ायी गयी तो इसका इस्पात उद्योग पर काफी बुरा असर पड़ेगा। उद्योग जगत के सूत्रों ने कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे इस्पात उद्योग पर फिर से सरकारी पहरा बिठा दिया गया है। सूत्र ने बताया कि […]
तांबे की कीमत में और गिरावट मुमकिन
तांबे की कीमत में आ रही गिरावट इस हफ्ते भी जारी रहने की उम्मीद है। लंदन मेटल एक्सचेंज के गोदामों में भंडार बढ़ने और दुनियाभर में तांबे की मांग में कमी आने से तांबे की कीमत में यह गिरावट आ रही है। यही नहीं, गिरावट की प्रमुख वजह दुनिया के सबसे बडे तांबा उत्पादक और […]
हाल-ए-कमोडिटी बाजार
जीरा होगा कमजोर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मांग कम होने से उम्मीद जतायी जा रही है कि इस हफ्ते जीरे की कीमत में कमी होगी। बीते हफ्ते देश के लगभग सभी इलाकों में जीरे में कमजोरी दर्ज की गयी।इसके चलते जीरे का वायदा भाव 13,000 रुपये प्रति क्विंटल की सीमा तोड़ इस स्तर से […]
व्यापार गोष्ठी: मानसून पर निर्भरता कृषि के लिए घातक है?
इसीलिए कृषि से कतराने लगे हैं लोगश्याम प्रकाश शर्माएडवोकेट, शर्मा कॉलोनी, गांधी नगर, जनपद-बस्ती, उत्तर प्रदेश मानसून पर किसान की निर्भरता ही वह खास कारण है, जिससे लोग कृषि कार्य करने से कतराने लगे हैं। यह घाटे का काम माना जाता है। लागत का खर्च भी निकल पाना दूर की कौड़ी हो चुका है। प्राकृतिक […]
विंडफॉल कर का औचित्य
पिछले कुछ हफ्तों के दौरान नीति निर्माताओं, अर्थशास्त्रियों और राजनीतिक महकमे में भी तेल एवं गैस कारोबार पर विंडफॉल टैक्स लगाने को लेकर बहस जारी थी। इससे पहले की विधायिका इस मसले पर कोई निर्णय ले यह जरूरी है कि विभिन्न पैमानों पर इसकी दुरुस्त तरीके से जांच कर ली जाए ताकि फैसला लेने के […]
अनुचित संवर्धन कानून का खात्मा!
वामपंथियों ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार का साथ छोड़ दिया है। इसके बाद उम्मीद की जा रही है कि आर्थिक स्तर पर कुछ सुधार शीघ्र ही देखने को मिल सकते हैं। इसी कड़ी में सबसे पहले उम्मीद की जा रही है कि अप्रत्यक्ष करों की श्रृंखला में लॉ ऑफ अनजस्ट एनरिचमेंट यानी अनुचित संवर्धन कानून […]
आर्थिक एक्सप्रेस को मिले रफ्तार
भारत के इतिहास में 22 जुलाई 2008 का दिन काफी महत्वपूर्ण हो गया। उस दिन मनमोहन सिंह की सरकार ने विश्वास मत हासिल किया, वहीं स्टॉक मार्केट भी अच्छी उछाल लेकर बंद हुआ। उस दिन तो तेल की कीमतें भी थोड़ी कम हुई और इससे भारतीय कंपनियों में थोड़ी खुशी की लहर दौड़ गई। इस […]
निर्यातोन्मुखी इकाइयों की मुश्किलें सीबीईसी के नए परिपत्र से और बढ़ीं
केंद्रीय उत्पाद और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) ने 24 जुलाई 2008 को एक सर्कुलर (संख्या 122008) दिया है, जिसमें निर्यातोन्मुखी इकाइयों (ईओयू) के लिए काफी मुश्किलें खड़ी की गई है। अब ईओयू को अपनी लागत या कच्चा माल के बारे में सारी जानकारियों का भी ब्योरा देना होगा। यह ब्योरा स्टैंडर्ड इनपुट आउटपुट नॉम्स (एसआईओएन) […]
विंटेज का कमाल
क्या आप आजकल की मोटरसाइकिलों से निराश हैं? क्या आपको लगता है कि मोटरसाइकिल जिस तरह की होनी चाहिए, उन मानदंडों पर वे खरी नहीं उतर रही हैं? कुल मिलाकर ये आपको रोमांचित करने में नाकाम हो रही हैं। ऐसे में आपको एक क्लासिक मोटरसाइकिल की जरूरत है जो आपकी आकांक्षाओं पर खरी उतर सके। […]
