हाल-ए-कमोडिटी बाजार
हल्दी के सीमित कारोबार की संभावना मौजूदा सीजन में हल्दी के भाव में मजबूती आने और इसके 4 हजार प्रति क्विंटल की सीमा को पार कर जाने के बाद इसके कारोबार के सीमित रहने की संभावना है। जानकारों के मुताबिक, इस साल वायदा बाजार में हल्दी की कीमत में काफी मजबूती आयी है। अभी की […]
प्रवासी भारतीयों को अदालती फैसले से कर में राहत
बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय जो विदेशों में कमाई करते हैं वे अपना धन भारत में नॉन रेसिडेंट ऑर्डिनरी अकाउंट (एनआरओ) में रखते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नियमों के अनुसार बिना उसकी अनुमति के एनआरओ अकाउंट से धन भारत से बाहर नहीं भेजा जा सकता है। यही वजह है कि अमूमन ऐसा माना […]
कॉरपोरेट प्रशासन और लेखा परीक्षण
कॉरपोरेट प्रशासन की हमारी समझ बदल गई है। पूर्व में हम कॉरपोरेट प्रशासन को एक ऐसी व्यवस्था के रूप में देखते थे जो सुनिश्चित करती थी कि मैनेजर (सीईओ और उसकी टीम) निजी लाभ के लिए निर्णय नहीं लेते और शेयरधारकों की संपत्ति पर कब्जा नहीं जमाते। लेकिन अब हम कॉरपोरेट प्रशासन को बड़े पैमाने […]
क्या है शेयर हस्तांतरण के दांव पेच?
विनिमय नियंत्रण नियमितताओं के प्रमुख विनियंत्रण के तहत वर्ष 2004 में सीमा-पार लेन-देन, जिसमें भारतीय कंपनियों का शेयर हस्तानांतरण भी शामिल है, के लिए बैंकों को अधिकृत डीलरों के रूप में चुना गया। यह कुछ खास क्षेत्रों और विशेष मामलों को छोड़ कर एफआईपीबी और आरबीआई स्वीकृति के बगैर ऑटोमेटिक रूट के तहत हुआ। लेन-देन […]
दोहा वार्ता है फायदे का सौदा
पिछले सप्ताह कृषि और गैर-कृषि बाजार पर मध्यस्थता सूमहों के प्रमुखों ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में गतिरोध समाप्त करने और दोहा डेवलपमेंट राउंड (डीडीआर) को आगे बढ़ाने के लिए संशोधित वार्ता दस्तावेज जारी किए। संशोधित दस्तावेजों ने आगामी सप्ताहों में कार्य में तेजी लाने के लिए एक मंच मुहैया कराया है। डब्ल्यूटीओ के कुछ […]
प्रीमियम का चेक भुने तो ही मिलेगा बीमा का क्लेम
उच्चतम न्यायालय के एक फैसले के अनुसार टैक्स रिकवरी ट्रिब्यूनल के रिकवरी ऑफिसर को यह अधिकार नहीं है कि वह दिवालियेपन की स्थिति में किसी कंपनी की संपत्ति की बिक्री सुनिश्चित करे, तब जब कि कंपनी ने एक ऑफिशियल लिक्वीडिटेर नियुक्त किया हो। यही वजह है कि उच्चतम न्यायालय ने एम वी जनार्दन रेड्डी बनाम […]
व्यापार गोष्ठी: पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाना जायज है?
डूबते को दिया तिनके का सहारा डूबते को तिनके का सहारा है यह। तेल कंपनियों को बचाना जरूरी था, इसलिए सरकार ने हिम्मत भरा कदम उठाकर तेल की कीमतों में वृध्दि की परंतु इस कदम से उसने जनता को महंगाई के सागर में डुबो दिया। सरकारी खर्चों में कटौती, पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन, कार पूल, व्हीकल शेयर […]
देखिए निसान का नया अंदाज
इसको बनाने में लगभग 2 साल की मेहनत लगी और 80 लाख डॉलर का खर्च आया। मैं कार्लोस गोज्न के किसी दूसरे आइडिया के बारे में बात नहीं कर रहा हूं जिसमें उन्होंने कुर्दिश बाजार या फिर आर्मेनिया के लिए कार के किसी नये मॉडल के बारे में सोचा है। दरअसल निसान मोटर्स ने दुनियाभर […]
बिन बिजली सब सून
हर कोई जानता है कि आज भारत बिजली की जबरदस्त किल्लत से जूझ रहा है। ऐसे में आग में घी का काम किया है कंसल्टिंग फर्म मैकेंजी की एक रिपोर्ट ने। छह महीने की मेहनत के बाद बनाई गई इस रिपोर्ट के मुताबिक अगर मुल्क को विकास के मामले में अगले 10 सालों तक कम […]
कुप्रबंधन की मुरलिया खूब बाजे रे…
जब मुल्क के पेट्रोलियम मंत्री का ही नाम मुरली हो, तो इस तरह के शीर्षक सूझना काफी हद तक स्वाभाविक है। इस शीर्षक में द्विअर्थी संवाद से भी आगे काफी कुछ है। यह बताता है कि पेट्रोलियम मंत्रालय को आजकल कैसे चलाया जा रहा है। यह शीर्षक केवल पेट्रोलियम मंत्रालय के कदमों के बारे में […]
